एआई फॉर सस्टेनेबल बिज़नेस पर मंथन – जीएल बजाज में चौथा वार्षिक ईएसजी कॉन्क्लेव 2026 आयोजित

नोएडा – जीएल बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च में “एआई फॉर सस्टेनेबल बिज़नेस: ईएसजी-ड्रिवन मैनेजमेंट ट्रांसफॉर्मेशन” विषय पर चौथा वार्षिक ईएसजी कॉन्क्लेव २०२६ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सस्टेनेबिलिटी, टेक्नोलॉजी और कॉर्पोरेट मैनेजमेंट से जुड़े विशेषज्ञों ने आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से ईएसजी आधारित बिज़नेस मॉडल्स पर अपने विचार रखे।
कॉन्क्लेव में वेद कृष्णा (ग्रुप लीड, पक्का), निशांत सिन्हा (प्रोजेक्ट हेड, टाइम्स इंटरनेट) और सी. एस. दीपक जैन (ईएसजी थिंकर एवं फाउंडर, विजयश फाउंडेशन) ने बतौर प्रमुख वक्ता सहभागिता की। वक्ताओं ने ईएसजी प्रैक्टिसेज़, एआई-बेस्ड डिसीजन मेकिंग और रिस्पॉन्सिबल बिज़नेस अप्रोच पर व्यावहारिक अनुभव साझा किए।
संस्थान की निदेशक सपना राकेश ने अपने संबोधन में कहा कि सस्टेनेबिलिटी और रिस्पॉन्सिबल मैनेजमेंट अब विकल्प नहीं, बल्कि भविष्य की अनिवार्यता है। उन्होंने बताया कि संस्थान का फोकस छात्रों को वैल्यू-बेस्ड और ईएसजी-ओरिएंटेड लीडरशिप के लिए तैयार करना है।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न कैटेगरीज़ में उल्लेखनीय कार्य के लिए २० नॉन-गवर्नमेंटल ऑर्गनाइजेशन्स (एनजीओ) को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा छात्रों को उनकी ओवरऑल अचीवमेंट्स के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में सम्मान प्रदान किया गया।
छात्रों द्वारा प्रस्तुत रिसर्च पोस्टर्स का इवैल्युएशन प्रणय पासरिचा (ब्रांडिंग एंड मार्केटिंग हेड, पक्का) और दिव्या सिंह द्वारा किया गया। चयनित टॉप तीन टीमों को कैश प्राइज़ और सर्टिफ़िकेट्स दिए गए।
यह कॉन्क्लेव शुचिता सिंह, निधि श्रीवास्तव और सुनीता चौधरी के अकादमिक मार्गदर्शन में पॉज़िटिव और नॉलेज-सेंट्रिक वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में यह निष्कर्ष उभरकर सामने आया कि एआई और ईएसजी का इंटीग्रेशन आने वाले समय में सस्टेनेबल और रिस्पॉन्सिबल बिज़नेस इकोसिस्टम की दिशा तय करेगा।




