Noida: पब्लिक EV चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर के मामले में यूपी ने हासिल की बड़ी उपलब्धि, 17 लाख वाहन हुए पंजीकृत
इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते इस्तेमाल से पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता कम करने में मदद मिल रही है।

इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते इस्तेमाल के साथ पब्लिक ईवी चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर का लगातार विस्तार हुआ। जिसके बाद उत्तर प्रदेश देश में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। प्रदेश में अभी तक 17.67 लाख इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत हो चुके हैं। लोग पारंपरिक ईंधन आधारित वाहनों के विकल्प के रूप में इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपना रहे हैं।
इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते इस्तेमाल से पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता कम करने में मदद मिल रही है। विशेष रूप से शहरी क्षेत्रों में ई-रिक्शा, इलेक्ट्रिक दोपहिया और चार पहिया वाहनों के साथ-साथ अन्य इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या में वृद्धि हुई है। इससे परिवहन क्षेत्र में स्वच्छ ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा मिल रहा है। इलेक्ट्रिक वाहनों का संचालन पारंपरिक पेट्रोल-डीजल वाहनों की तुलना में अलग ऊर्जा व्यवस्था पर आधारित होने के कारण जीवाश्म ईंधन की खपत कम करने में सहायक है।
यूपी नेडा के निदेशक रविंद्र सिंह ने बताया कि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए मजबूत चार्जिंग नेटवर्क बेहद जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में पब्लिक ईवी चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर को लगातार मजबूत किया जा रहा है। चार्जिंग स्टेशनों की उपलब्धता बढ़ने से इलेक्ट्रिक वाहन चालकों को लंबी दूरी की यात्रा के दौरान चार्जिंग की सुविधा मिल रही है। पब्लिक चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार विशेष रूप से प्रमुख शहरों, राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों तथा महत्वपूर्ण परिवहन मार्गों पर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या प्रदेश में स्वच्छ और हरित परिवहन व्यवस्था के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्रदेश सरकार की नीतियों और इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के प्रयासों से इलेक्ट्रिक वाहन बाजार को भी मजबूती मिल रही है। आने वाले समय में चार्जिंग सुविधाओं के और विस्तार तथा इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती स्वीकार्यता से प्रदेश में ग्रीन मोबिलिटी का दायरा और व्यापक होने की उम्मीद है।
उत्तर प्रदेश का पब्लिक ईवी चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर में देश में तीसरे स्थान पर पहुंचना और प्रदेश में 17.67 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीकरण, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में राज्य की बढ़ती क्षमता को दर्शाता है। यह बदलाव न केवल परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने में सहायक है, बल्कि स्वच्छ, टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल भविष्य की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।



