बाग वाले बाबा मंदिर प्रांगण में श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

महाराज जी ने सुनाई परीक्षित जन्म, श्राप और शुकदेव आगमन की दिव्य कथा
बाग वाले बाबा मंदिर प्रांगण में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। यह दिव्य कथा पूज्य श्री विकास गौतम जी महाराज के मुखारविंद से श्रवण कराई जा रही है, जबकि आयोजन पूज्य महंत बाबा मोहक भारती जी महाराज के सान्निध्य में संपन्न हो रहा है।
कथा के दूसरे दिन महाराज जी ने महाभारत प्रसंग, राजा परीक्षित के जन्म की अद्भुत कथा, ऋषि का श्राप, तथा शुकदेव जी के आगमन की अत्यंत हृदयस्पर्शी व्याख्या की। महाराज जी ने बताया कि किस प्रकार परीक्षित को सात दिन में मृत्यु का श्राप मिलता है और कैसे वही श्राप मानव जीवन के उद्धार का माध्यम बनकर श्रीमद्भागवत कथा के प्राकट्य का कारण बनता है।
महाराज जी ने अपने प्रवचन में सनातन धर्म के पाँच प्रमुख देवताओं — श्री गणेश, भगवान विष्णु, भगवान शिव, माता शक्ति एवं सूर्य देव के महत्व पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि ये पाँचों देवता मानव जीवन के संतुलन और धर्म के आधार स्तंभ हैं।
कथा स्थल पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर भक्ति में लीन नजर आए। “हरि नाम” के संकीर्तन से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
यह कथा 8 दिसम्बर से 14 दिसम्बर 2025 तक प्रतिदिन आयोजित हो रही है।




