Anuj Kanojiya Case : पिंटू सिंह की गिरफ्तारी से खुलेंगे राज़, गैंगस्टर अनुज को देता था पनाह !

नोएडा : अनुज कनौजिया एनकाउंटर केस में एक और बड़ा खुलासा सामने आया है। फरार गैंगस्टर अनुज कनौजिया को शरण देने वाले शख्स पिंटू सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पिंटू सिंह की गिरफ्तारी से अब इस केस में कई अहम कड़ियाँ जुड़ने की संभावना जताई जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, पिंटू सिंह न केवल अनुज को छिपने में मदद कर रहा था, बल्कि उसके मूवमेंट और लोकेशन को भी सुरक्षित बनाए रखने में अहम भूमिका निभा रहा था। पुलिस को शक है कि पिंटू सिंह को अनुज के कई राज़ पता हैं – जैसे कि उसके नेटवर्क, फंडिंग सोर्स, और उसे मिलने वाले राजनीतिक या स्थानीय संरक्षण के बारे में।
पूछताछ में सामने आ सकते हैं ये बड़े खुलासे:
अनुज कनौजिया किन-किन जगहों पर छिपा रहा?
उसे आर्थिक और राजनीतिक संरक्षण कौन दे रहा था?
उसके गैंग के बाकी सक्रिय सदस्य अब कहां हैं?
पिंटू सिंह की खुद की भूमिका सिर्फ मददगार की थी या वो भी गैंग का हिस्सा था?
पुलिस अब पिंटू सिंह से लगातार पूछताछ कर रही है और उसके मोबाइल डेटा, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल सबूतों की भी जांच की जा रही है। इस गिरफ्तारी से माना जा रहा है कि अनुज कनौजिया गैंग के सफाए की दिशा में पुलिस को बड़ी सफलता मिल सकती है।
जमशेदपुर से झारखंड तक – ऐसे बचता रहा गैंगस्टर अनुज
पुलिस के मुताबिक, अनुज कनौजिया मऊ और आसपास के जिलों में व्यापारियों से जबरन वसूली करता था। इस काम में उसकी पत्नी रीना और एक रिश्तेदार शिवरत्न उसकी मदद करते थे। करीब दो साल पहले, दोनों को जमशेदपुर से गिरफ्तार किया गया था।
अनुज 2022 से जमशेदपुर में रीना के साथ रह रहा था, लेकिन उसकी पत्नी की गिरफ्तारी के बाद वह वहां से फरार हो गया। कुछ समय बाद वह फिर पहचान छिपाकर वहीं लौट आया और लगातार ठिकाने बदलते हुए पुलिस को चकमा देता रहा।
सिर्फ रंगदारी ही नहीं, अनुज ठेके-पट्टों में भी दखल देता था और कमीशन के नाम पर पैसे वसूलता था। बिहार और झारखंड के कई शहरों में उसने खुद को छिपाने के लिए बार-बार लोकेशन बदली।