बरेली हिंसा : तौकीर रजा: धर्मगुरु, राजनेता या विवादों का केंद्र, जानिये दंगा कराने के मास्टरमाइंड मौलाना की पूरी कुंडली

नोएडा: कानपुर से शुरू हुआ I Love Muhammad विवाद अब बरेली में बड़े बवाल का कारण बन गया है। शुक्रवार की नमाज के बाद शहर में हालात अचानक बिगड़ गए जब मौलाना तौकीर रजा के आह्वान पर हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। देखते ही देखते स्थिति हिंसक हो गई और पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव कर दिया, जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इस झड़प में 10 पुलिसकर्मी घायल हो गए और कई जगहों पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
पुलिस की कार्रवाई और मौलाना की गिरफ्तारी
बरेली हिंसा को काबू करने के लिए जिला प्रशासन ने तेजी से कदम उठाए और शहर के संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया। लगातार बढ़ते तनाव और भीड़ को उकसाने के आरोप में पुलिस ने मौलाना तौकीर रजा को गिरफ्तार कर लिया है। उनके खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि इस पूरे विवाद में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की साजिश रची गई थी और इसके लिए मुख्य जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कौन हैं मौलाना तौकीर रजा?
मौलाना तौकीर रजा बरेली का मशहूर धार्मिक और राजनीतिक नेता है। वह इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल का संस्थापक और प्रमुख है। उसका ताल्लुक बरेली के आला हजरत खानदान से है, जिसने सुन्नी बरेलवी मसलक की नींव रखी थी। धार्मिक क्षेत्र में उनका बड़ा प्रभाव माना जाता है, वहीं राजनीति में भी वह लंबे समय से सक्रिय है।
तौकीर रजा ने 2001 में राजनीति में कदम रखा और अपनी पार्टी बनाई। इसके बाद उन्होंने अलग-अलग समय पर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के साथ गठजोड़ किया। 2012 विधानसभा चुनाव में वह सपा के समर्थन में उतरे थे, लेकिन 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों के बाद दोनों के रास्ते अलग हो गए। 2014 के लोकसभा चुनाव में उसने बसपा का साथ दिया। धार्मिक और राजनीतिक दोनों ही क्षेत्रों में उनकी सक्रियता ने उन्हें हमेशा सुर्खियों में बनाए रखा है।
बरेली में तनाव
बरेली में हुई इस हिंसा के बाद पूरे जिले में तनाव का माहौल है। पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा को देखते हुए कई इलाकों में फ्लैग मार्च निकाला और इंटरनेट सेवाओं पर भी निगरानी रखी जा रही है। शहर में धारा 144 लागू कर दी गई है ताकि किसी भी प्रकार की बड़ी भीड़ इकट्ठा न हो सके। प्रशासन का कहना है कि हालात पर नियंत्रण है और किसी भी उपद्रव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मौलाना तौकीर रजा की गिरफ्तारी के बाद स्थिति पर काबू पाने की कोशिशें जारी हैं। पुलिस का दावा है कि उपद्रवियों की पहचान की जा रही है और CCTV फुटेज के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। फिलहाल, बरेली हिंसा और I Love Muhammad विवाद ने उत्तर प्रदेश की राजनीति और धार्मिक माहौल को एक बार फिर गरमा दिया है।




