नोएडा इंजीनियर मौत कांड में बड़ा एक्शन: बिल्डर अभय सिंह गिरफ्तार, सिस्टम की लापरवाही बेनकाब

नोएडा–ग्रेटर नोएडा में 27 वर्षीय इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा कदम उठाते हुए एमजेड विश्टाउन कंपनी के मालिक बिल्डर अभय सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। यह हादसा निर्माणाधीन मॉल के उस बेसमेंट में हुआ था, जहां 20 फीट से अधिक गहरे पानी में युवराज की कार डूब गई थी। एफआईआर में एमजेड विश्टाउन के साथ लोटस ग्रीन बिल्डर को भी नामजद किया गया है, जिसके बाद रियल एस्टेट सेक्टर में हड़कंप मचा हुआ है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तुरंत संज्ञान लिया। इसके बाद नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी रहे आईएएस अधिकारी लोकेश एम. को पद से हटाकर वेटिंग में डाल दिया गया। यह कार्रवाई प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही तय करने की दिशा में बड़ा संकेत मानी जा रही है।
घटना के एक दिन बाद एनडीआरएफ और गोताखोरों की टीम ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। करीब तीन घंटे चले सर्च ऑपरेशन के बाद युवराज की कार दो बेसमेंट के बीच फंसी हुई मिली। पहले दिन केवल शव बरामद हो सका था, जिससे घटना की भयावहता और सुरक्षा इंतजामों की पोल खुल गई।
यह हादसा ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 150 में हुआ, जहां निर्माणाधीन परियोजनाओं में जलभराव और खुले गड्ढों को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। युवराज के परिजनों और स्थानीय लोगों ने नोएडा प्राधिकरण और रियल एस्टेट डेवलपर्स पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन और पदयात्रा निकाली, उनका कहना है कि यह मौत नहीं बल्कि सिस्टम की विफलता है।
सरकार ने पूरे मामले की गहराई से जांच के लिए एक विशेष जांच टीम (SIT) गठित की है, जिसका नेतृत्व एडीजी जोन मेरठ कर रहे हैं। टीम को निर्देश दिए गए हैं कि पांच दिनों के भीतर यह रिपोर्ट दी जाए कि क्षेत्र की जिम्मेदारी किस विभाग की थी, जलभराव की जानकारी होने के बावजूद समय पर सुधारात्मक कदम क्यों नहीं उठाए गए और किन अधिकारियों या एजेंसियों की लापरवाही से एक युवा इंजीनियर की जान चली गई।




