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भाजपा ने 9 राज्यों में किए नए प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति, संगठनात्मक रणनीति में तेजी

नोएडा: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने संगठन को मजबूती देने के लिए 9 राज्यों में अपने नए प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किए हैं। इनमें सबसे ताज़ा नाम मध्य प्रदेश के हेमंत कुमार खंडेलवाल का है।

भाजपा पिछले साल से आंतरिक चुनाव की प्रक्रिया में लगी हुई है और अब तक 28 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में नए अध्यक्षों की नियुक्ति हो चुकी है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव की तैयारी, लेकिन अभी हो सकती है देरी

भाजपा के संविधान के अनुसार राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव करने के लिए कम से कम 19 प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति ज़रूरी होती है। हालांकि, फिलहाल यह चुनाव टल सकता है क्योंकि पार्टी का ध्यान उत्तर प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, दिल्ली और हरियाणा जैसे प्रमुख राज्यों में आगामी चुनावों पर है।

मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में ‘करीबियों’ को मिली जिम्मेदारी

मध्य प्रदेश:

हेमंत खंडेलवाल को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। वे बैतूल से दो बार विधायक और एक बार सांसद रह चुके हैं। उन्हें मुख्यमंत्री मोहन यादव का करीबी माना जाता है और उनकी संघ में भी अच्छी पकड़ है। इस नियुक्ति के ज़रिए भाजपा वैश्य समुदाय तक अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है।

महाराष्ट्र:

रवींद्र चव्हाण को नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वह डोंबिवली से चार बार विधायक रहे हैं और राज्य में कई प्रमुख विभागों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। उन्हें सीएम देवेंद्र फडणवीस के करीबी नेताओं में गिना जाता है।

उत्तराखंड और हिमाचल में बदलाव नहीं, पुरानों पर भरोसा

उत्तराखंड:

महेंद्र भट्ट को एक बार फिर प्रदेश अध्यक्ष बनाए रखा गया है। वे दो बार विधायक रह चुके हैं और एबीवीपी से राजनीति में आए थे। पार्टी ने ठाकुर मुख्यमंत्री और ब्राह्मण अध्यक्ष की जोड़ी के जरिए जातीय संतुलन बनाए रखने की कोशिश की है।

हिमाचल प्रदेश:

राजीव बिंदल लगातार तीसरी बार प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए हैं। बिंदल पांच बार विधायक रह चुके हैं और स्वास्थ्य मंत्री भी रह चुके हैं। उनकी नियुक्ति को भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से उनके समीप संबंधों का असर माना जा रहा है।

आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भी नए चेहरों पर भरोसा

आंध्र प्रदेश:

यहां पीवीएन माधव को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। वे भाजपा युवा मोर्चा और आरएसएस से जुड़े रहे हैं। उनका चयन पिछड़े वर्ग का प्रतिनिधित्व बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। उनके पिता भी आंध्र भाजपा के प्रमुख रह चुके हैं।

तेलंगाना:

एन रामचंदर राव को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। यह चयन एटाला राजेंद्र और अरविंद धर्मपुरी जैसे वरिष्ठ नेताओं को दरकिनार कर किया गया है, जिससे पार्टी की रणनीतिक प्राथमिकता का संकेत मिलता है। उनकी नियुक्ति के बाद राजा सिंह ने पार्टी छोड़ दी, जिससे कुछ हलचल भी हुई है।

निष्कर्ष: संगठनात्मक मजबूती की ओर बढ़ रही भाजपा

इन नियुक्तियों से स्पष्ट है कि भाजपा संगठन को फिर से धार देने और सामाजिक समीकरणों को साधने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। आने वाले महीनों में राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव और आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए यह नियुक्तियां काफी मायने रखती हैं।

 

Divya Gupta

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