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Greater Noida: दलदल में डूबी कार… मृतक इंजीनियर की PM रिपोर्ट ने बयां की संघर्ष की दास्ता, शासन ने CEO पर की बड़ी कार्रवाई

ट्रैफिक सेल विभाग के जूनियर इंजीनियर नवीन कुमार को सुरक्षा में चूक और लापरवाही के चलते तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया गया है। जबकि बेसमेंट निर्माण और यातायात सुरक्षा के लिए जिम्मेदार अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।

नोएडा के सेक्टर-150 के पास टी पॉइंट के पास निर्माणाधीन बेसमेंट में गिरकर कार समेत सॉफ्टवेयर इंजीनियर की जान के मामले में मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गई है। जिसमें मौत से संघर्ष की खौफनाक दास्तां बयां की है। दूसरी ओर नोएडा प्राधिकरण ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम को हटाकर प्रतीक्षारत सूची में डाल दिया है।

ट्रैफिक सेल विभाग के जूनियर इंजीनियर नवीन कुमार को सुरक्षा में चूक और लापरवाही के चलते तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया गया है। जबकि बेसमेंट निर्माण और यातायात सुरक्षा के लिए जिम्मेदार अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। साथ ही लोटस बिल्डर के आवंटन और निर्माण कार्य की विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, टाटा यूरेका सोसाइटी निवासी सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता ठंडे पानी में घंटों मौत से संघर्ष किया। रिपोर्ट और पुलिस सूत्रों के अनुसार, युवराज की मौत के पीछे केवल पानी नहीं, बल्कि सिस्टम की देरी और कड़ाके की ठंड भी थी। रिपोर्ट में एंटीमॉर्टम ड्राउनिंग बताया गया है, फेफड़ों में पानी भरा पाया गया है, जो इस बात का सबूत है कि डूबते समय युवराज ने बचने की भरपूर कोशिश की थी। युवराज ने घंटों तक पानी के बीच खड़ी कार की छत पर मदद का इंतज़ार करते रहे। कड़ाके की ठंड में भीगने के कारण उनकी हालत बिगड़ती गई और अंत में उनका दिल संघर्ष हार गया। बेसमेंट का पानी बर्फ जैसा ठंडा था। डॉक्टरों के मुताबिक, हाइपोथर्मिया (Hypothermia) और अत्यधिक घबराहट (Panic) के कारण युवराज को कार्डियक अरेस्ट आया।

हादसे को लेकर जनता में भारी आक्रोश दिखाई दिया। घटनास्थल पर भारी भीड़ जमा रही। स्थानीय निवासियों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। उनका कहना था कि प्राधिकरण के अधिकारियों लगातार शिकायत करने बावजूद कोई कार्र्वाही नहीं की गई। इसके लिए स्थनीय सांसद के पत्र को भी अधिकारियो ने तबब्जो नही दी। ठोस कदम उठाया जाता तो युवराज की मौत नहीं होती। लोगों ने इसे ‘हादसा’ नहीं बल्कि ‘प्रशासनिक हत्या’ करार दिया है।

 

 

Aashish Gupta

आशीष गुप्ता ने जागरण इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता का डिप्लोमा किया है और राजनीतिक विज्ञान में MA करने के बाद वह राष्ट्रीय सहारा, दैनिक जागरण जैसे देश के प्रमुख समाचार संस्थानों में कार्यरत रहे। 2015 में पीआर कंपनी मेक यू बिग मीडिया प्राइवेट की स्थापना करने के बाद 2021 में फ़ेडरल भारत की शुरुआत की।

Aashish Gupta

आशीष गुप्ता ने जागरण इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता का डिप्लोमा किया है और राजनीतिक विज्ञान में MA करने के बाद वह राष्ट्रीय सहारा, दैनिक जागरण जैसे देश के प्रमुख समाचार संस्थानों में कार्यरत रहे। 2015 में पीआर कंपनी मेक यू बिग मीडिया प्राइवेट की स्थापना करने के बाद 2021 में फ़ेडरल भारत की शुरुआत की।

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