एम्स में सीट दिलाने के नाम पर 10 लाख की ठगी, कोर्ट के आदेश पर तीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज
नोएडा : एम्स में एमबीबीएस की सीट दिलाने के नाम पर एक व्यक्ति से 10 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है।
पीड़ित प्रदीप कुमार उपाध्याय ने इस संबंध में कोर्ट के आदेश पर फेज-3 थाना पुलिस में तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
नेताओं के नाम पर भरोसा दिलाया, लाल बत्ती की कार से हरिद्वार ले जाकर मिलवाया
प्रदीप उपाध्याय ने बताया कि 2023 में उनके एक परिचित के ज़रिए सलारपुरकलां गांव निवासी सतीश चंद्र शर्मा से मुलाकात हुई थी।
सतीश ने एम्स दिल्ली में उनके बेटे का दाखिला करवाने का दावा किया और अपने परिचित डॉ. राजकुमार शर्मा को पीएम और गृह मंत्री का करीबी बताया।
विश्वास दिलाने के लिए सतीश और उनका बेटा रितिक, प्रदीप को मई 2024 में लाल बत्ती लगी कार से हरिद्वार ले गए, जहां डॉ. राजकुमार से मुलाकात करवाई गई।
20 लाख में तय हुआ था सौदा, दो किस्तों में दिए 10 लाख
दाखिले के लिए कुल 20 लाख रुपये की डील तय हुई थी। आरोपितों ने पहले दो किश्तों में 10 लाख रुपये ले लिए, और कहा कि बाकी पैसे एडमिशन के बाद लिए जाएंगे। लेकिन जब छात्र एम्स की प्रवेश परीक्षा में फेल हो गया, तो बहानेबाजी शुरू हो गई।
रिजल्ट का झांसा और फिर हत्या की धमकी
जब पीड़ित ने संपर्क किया तो कहा गया कि मंत्री व्यस्त हैं, और दूसरे रिजल्ट का इंतज़ार करें। बार-बार टालने पर जब प्रदीप ने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपितों ने हत्या कर शव नहर में फेंकने की धमकी दी।
कोर्ट के आदेश पर एफआईआर, जांच शुरू
थाना प्रभारी ध्रुव भूषण दूबे ने बताया कि कोर्ट के निर्देश पर सतीश चंद्र शर्मा, उनके बेटे रितिक और डॉ. राजकुमार शर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।




