अंतरराष्ट्रीय बाल कैंसर दिवस पर यथार्थ हॉस्पिटल में कैंसर से जंग जीत चुके बच्चों के साथ मना जिंदगी का जश्न

ग्रेटर नोएडा – अंतरराष्ट्रीय बाल कैंसर दिवस के अवसर पर यथार्थ सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल में कैंसर से जंग जीत चुके बच्चों के साथ जिंदगी का जश्न मनाया गया। कार्यक्रम में चार ऐसे बच्चे शामिल हुए, जिन्होंने कठिन उपचार के बाद स्वस्थ जीवन की ओर सफल वापसी की है।
इस अवसर पर बच्चों के साथ केक काटा गया, खेल गतिविधियां आयोजित की गईं और उन्हें सम्मानित किया गया। बच्चों की मुस्कान ने पूरे माहौल को उम्मीद, हौसले और सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया।
कार्यक्रम में मौजूद वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. (मेजर) रवि शंकर, कंसल्टेंट – पीडियाट्रिक हीमेटो-ऑन्कोलॉजी एवं बोन मैरो ट्रांसप्लांट, ने बताया कि बच्चों में सबसे अधिक पाया जाने वाला कैंसर ब्लड कैंसर है। उन्होंने कहा कि यदि बच्चे को बार-बार बुखार आए, खून की कमी दवाओं से ठीक न हो, असामान्य रक्तस्राव हो, शरीर में गांठ दिखे या लगातार जोड़ों में दर्द बना रहे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर की गई साधारण जांच भी गंभीर बीमारी को शुरुआती अवस्था में पकड़ सकती है।
उन्होंने यह भी बताया कि छोटे शहरों और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में लक्षण सामान्य बीमारी जैसे लगने के कारण पहचान में देरी हो जाती है। यदि बीमारी का पता प्रारंभिक अवस्था में चल जाए तो 90 से 95 प्रतिशत तक इलाज संभव है। बच्चों में कैंसर का इलाज वयस्कों की तुलना में अधिक सफल रहता है।
देश में हर वर्ष लगभग 50,000 से 60,000 नए बाल कैंसर के मामले सामने आते हैं, जिनकी पहचान अब बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के कारण समय पर हो रही है। डॉ. रवि शंकर ने एक बच्चे का उदाहरण साझा करते हुए बताया कि कई बार बीमारी लौटने के बावजूद सही उपचार और बोन मैरो ट्रांसप्लांट से वह बच्चा पूरी तरह स्वस्थ हुआ। उन्होंने कहा कि हर बच्चा एक योद्धा है और सही समय पर सही इलाज से बाल कैंसर को हराया जा सकता है।
इस अवसर पर अस्पताल प्रबंधन ने भी जागरूकता के महत्व पर जोर दिया। अस्पताल की ओर से कहा गया कि समय पर पहचान, आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञों की समर्पित टीम के सहयोग से बच्चों को एक स्वस्थ, सुरक्षित और आशावान भविष्य दिया जा सकता है।
कार्यक्रम के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि जागरूकता और समय पर उपचार से बाल कैंसर को हराया जा सकता है और बच्चों को नया जीवन मिल सकता है।




