चैत्र नवरात्रि 2025: चौथे दिन की पूजा विधि, नियम और माता कूष्मांडा का प्रिय भोग !

Noida: आज चैत्र नवरात्रि का चौथा दिन है, जो माता कूष्मांडा को समर्पित होता है। मान्यता है कि इनकी उपासना से भक्तों को समृद्धि और स्वास्थ्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इस दिन पूजा करते समय विशेष नियमों का पालन किया जाता है, जिसमें शुद्धता और भक्ति भाव प्रमुख हैं।
माता को मालपुए का भोग अति प्रिय होता है, जिसे अर्पित करने से विशेष कृपा प्राप्त होती है। सही विधि और श्रद्धा से पूजा करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और सौभाग्य का संचार होता है।
चैत्र नवरात्रि 2025: चौथे दिन की पूजा विधि और शुभ मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार, आज पूरे दिन सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा, जिससे कोई भी शुभ कार्य सिद्ध हो सकता है। रवि योग सुबह 6:10 से 8:49 तक रहेगा, जबकि विजय मुहूर्त दोपहर 2:30 से 3:20 तक रहेगा। इस दौरान पूजा-पाठ और अन्य शुभ कार्य करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है।
चौथे दिन की पूजा विधि (Maa Kushmanda Puja Vidhi)
1. प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
2. मां कूष्मांडा की पूजा का संकल्प लें।
3. उनकी प्रतिमा स्थापित कर ध्यान करें और आह्वान करें।
4. देवी को पीले या सफेद पुष्प अर्पित करें।
5. कुमकुम, अक्षत, हल्दी और चंदन चढ़ाएं।
6. धूप-दीप जलाकर मां की उपासना करें।
7. देवी मंत्रों का जाप करें और दुर्गा सप्तशती के चतुर्थ अध्याय का पाठ करें।
8. मां को मालपुआ, दही, और हलवा का भोग अर्पित करें।
9. श्रद्धा और भक्ति भाव से आरती करें।
10. मां से परिवार की सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की प्रार्थना करें।