लॉयड स्कूल में हुआ कॉन्क्लेव का आयोजन, इंटेलिजेंट सिस्टम्स के जरिए एचआर को सशक्त बनाने पर जोर
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ शुरू हुआ। लॉयड ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशंस की ग्रुप डायरेक्टर डॉ. वंदना अरोड़ा सेठी ने भारतीय ज्ञान परंपरा को मानव संसाधन प्रबंधन से जोड़ते हुए हनुमान और जामवंत के प्रसंग के माध्यम से प्रेरणा, विश्वास और नेतृत्व की भूमिका को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।

लॉयड कॉलेत में दिल्ली–एनसीआर चैप्टर के सहयोग से एचआर कॉन्क्लेव 8.0 का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देशभर से वरिष्ठ मानव संसाधन विशेषज्ञ, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, शिक्षाविद्, रिक्रूटर्स एवं प्रबंधन के छात्रों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ शुरू हुआ। लॉयड ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशंस की ग्रुप डायरेक्टर डॉ. वंदना अरोड़ा सेठी ने भारतीय ज्ञान परंपरा को मानव संसाधन प्रबंधन से जोड़ते हुए हनुमान और जामवंत के प्रसंग के माध्यम से प्रेरणा, विश्वास और नेतृत्व की भूमिका को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। विशिष्ट अतिथि हाउडन इंडिया के चीफ बिज़नेस ऑफिसर सौरभ वर्मा ने जीवन में कोच और मार्गदर्शक की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि केवल कौशल ही सफलता की कुंजी नहीं हैं, बल्कि सही सोच, आत्मविश्वास और निरंतर सीखने की भावना से कोई भी व्यक्ति किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त कर सकता है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) अभय कृष्णा ने कहा कि सफलता का अर्थ प्रत्येक व्यक्ति के लिए भिन्न होता है और जीवन के अलग-अलग चरणों में इसका स्वरूप बदलता रहता है। लॉयड बिजनेस स्कूल के डीन डॉ. रिपुदमन गौर ने कहा कि जैसे किसी घर की मजबूती उसकी नींव पर निर्भर करती है, वैसे ही किसी सफल आयोजन के पीछे प्रशासन, आयोजन समिति, फैकल्टी सदस्य एवं सहयोगी टीमों का सामूहिक और निस्वार्थ योगदान होता है।




