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CONRWA अध्यक्ष डॉ. पी.एस. जैन और कन्वेनर बी.बी. वलेचा ने बिल्डरों की मनमानी पर उठाई आवाज, RERA नियमों के पालन की मांग

नोएडा। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में निजी बिल्डरों द्वारा फ्लैटों की बिक्री और अतिरिक्त शुल्क वसूली को लेकर कन्फेडरेशन ऑफ एनसीआर रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशंस (CONRWA), नोएडा चैप्टर ने संबंधित विकास प्राधिकरणों से कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने 23 अक्टूबर 2026 को अधिकारियों को पत्र भेजकर फ्लैटों की बिक्री में RERA के नियमों का पालन सुनिश्चित कराने, पार्किंग शुल्क की वसूली पर रोक लगाने और प्रेफरेंशियल लोकेशन चार्ज (PLC) में पारदर्शिता लाने की मांग उठाई है।

संगठन की ओर से नोएडा प्राधिकरण, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारियों को संबोधित पत्र में कहा गया है कि बिल्डरों द्वारा फ्लैट खरीदारों से विभिन्न मदों में अतिरिक्त शुल्क वसूले जाने से आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।

कार्पेट एरिया के आधार पर बिक्री की मांग

CONRWA ने आरोप लगाया है कि कुछ बिल्डर फ्लैटों की बिक्री में कार्पेट एरिया के बजाय सुपर बिल्ट-अप एरिया को प्रमुख आधार बनाते हैं, जिससे खरीदारों को फ्लैट के वास्तविक उपयोग योग्य क्षेत्रफल और कीमत को समझने में परेशानी होती है। संगठन ने मांग की है कि RERA के प्रावधानों के अनुरूप कार्पेट एरिया को स्पष्ट रूप से दर्शाया जाए और खरीदारों को पारदर्शी जानकारी उपलब्ध कराई जाए।

पार्किंग शुल्क पर उठाए सवाल

पत्र में ओपन और स्टिल्ट पार्किंग के नाम पर आवंटियों से अतिरिक्त रकम वसूले जाने का मुद्दा भी उठाया गया है। संगठन ने सुप्रीम कोर्ट के नहालचंद लालूचंद बनाम पंचाली कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी मामले का हवाला देते हुए कहा है कि ओपन और स्टिल्ट पार्किंग को अलग से बेचने तथा उसके लिए शुल्क लेने पर कानूनी प्रतिबंध लागू होते हैं। संगठन ने संबंधित प्राधिकरणों से इस मामले की जांच कराने और नियमों का उल्लंघन करने वाले बिल्डरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

PLC चार्ज में पारदर्शिता की मांग

CONRWA ने प्रेफरेंशियल लोकेशन चार्ज (PLC) को लेकर भी सवाल उठाए हैं। संगठन का कहना है कि पार्क, ग्रीन बेल्ट, पूल, क्लब या अन्य बेहतर लोकेशन वाले फ्लैटों के लिए अतिरिक्त शुल्क का आधार स्पष्ट होना चाहिए। पत्र में आरोप लगाया गया है कि कुछ बिल्डर फ्लोर या अन्य मदों में PLC चार्ज लगाते हैं, जबकि खरीदारों को इसकी स्पष्ट वजह और गणना की जानकारी नहीं दी जाती। संगठन ने PLC शुल्क के निर्धारण में पारदर्शिता और स्पष्ट मानदंड तय करने की मांग की है।

मुख्यमंत्री और यूपी RERA को भी भेजी प्रतिलिपि

इस पत्र की प्रतिलिपि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (UP RERA) के एनसीआर क्षेत्रीय कार्यालय को भी सूचना एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है।

पत्र पर CONRWA के अध्यक्ष डॉ. पी.एस. जैन (अधिवक्ता) और CONRWA नोएडा चैप्टर के कन्वेनर बी.बी. वलेचा के नाम दर्ज हैं। संगठन ने उम्मीद जताई है कि संबंधित प्राधिकरण इस मामले को गंभीरता से लेते हुए फ्लैट खरीदारों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे।

नोट: ये आरोप और मांगें संगठन द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित हैं। संबंधित बिल्डरों या प्राधिकरणों का पक्ष इस समाचार के लिए स्वतंत्र रूप से प्राप्त नहीं किया गया है।

Vishnu Pratap

मेरा नाम विष्णु प्रताप है। मेरा जन्म 18 मई 2004 को उत्तर प्रदेश के एटा जिले में हुआ। पत्रकारिता मेरे लिए सिर्फ एक करियर नहीं, बल्कि एक जुनून है। वर्तमान में मैं Federal Bharat News में रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हूं। मुझे अंतरराष्ट्रीय संबंध, इतिहास, राजनीति, युद्ध से जुड़ी खबरें, बिज़नेस और NGO से संबंधित विषयों में गहरी रुचि है। खाली समय में मुझे पढ़ना और अपने दोस्तों के साथ समय बिताना अच्छा लगता है।

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