पी. चिदंबरम के बयान पर विवाद: पहलगाम हमले को लेकर बीजेपी ने किया हमला, नेता ने दी सफाई

नोएडा: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम अपने एक साक्षात्कार को लेकर विवादों में घिर गए हैं।
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकी हमले को लेकर उन्होंने सवाल उठाए कि क्या आतंकियों की पहचान हुई है और क्या उनके पाकिस्तान से आने के कोई प्रमाण हैं।
इस बयान के बाद बीजेपी ने चिदंबरम पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें आतंकवाद को लेकर नरम रुख अपनाने वाला बताया।
“वे स्थानीय आतंकवादी हो सकते हैं” – चिदंबरम
साक्षात्कार में चिदंबरम ने कहा, “सरकार यह बताने को तैयार नहीं है कि एनआईए ने अब तक क्या जांच की है।
क्या आतंकवादियों की पहचान हुई? वे कहां से आए थे? जहां तक हमें जानकारी है, वे स्थानीय भी हो सकते हैं। हम क्यों मान लें कि वे पाकिस्तान से आए थे, जब इसका कोई ठोस प्रमाण ही नहीं है?
बीजेपी ने जताई आपत्ति
बीजेपी ने चिदंबरम के बयान को देश की सुरक्षा के खिलाफ बताते हुए कहा कि इस तरह के बयान आतंकियों को बचाव का मौका देते हैं और सेना के मनोबल को तोड़ते हैं।
कई बीजेपी नेताओं ने सोशल मीडिया पर चिदंबरम के इस बयान की आलोचना करते हुए कांग्रेस पर आतंकवाद को लेकर “नरम रुख” अपनाने का आरोप लगाया।
सोशल मीडिया पोस्ट से दी सफाई
विवाद बढ़ने के बाद पी. चिदंबरम ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया। उन्होंने लिखा, “ट्रोल्स कई प्रकार के होते हैं।
कुछ लोग पूरे साक्षात्कार को छिपाकर केवल दो वाक्य उठाते हैं, उनमें से भी कुछ शब्दों को म्यूट कर देते हैं और फिर मुझे गलत तरीके से पेश करते हैं।”
कांग्रेस ने किया बचाव
कांग्रेस पार्टी ने भी चिदंबरम के बचाव में उतरते हुए कहा कि उन्होंने जो सवाल उठाए हैं, वे पूरी तरह तर्कसंगत हैं और सरकार को जवाब देना चाहिए कि जांच में क्या तथ्य सामने आए हैं। पार्टी ने कहा कि बयान को संदर्भ से काटकर प्रस्तुत किया जा रहा है ताकि राजनीतिक लाभ उठाया जा सके।
निष्कर्ष
इस पूरे मामले ने सियासी हलकों में गर्मी बढ़ा दी है। एक ओर जहां बीजेपी इसे राष्ट्रविरोधी रुख बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे लोकतांत्रिक सवाल पूछने का अधिकार बता रही है। चिदंबरम की सफाई के बावजूद बहस थमने का नाम नहीं ले रही।




