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Noida: पुलिसकर्मी ने खरीदा घरेलू सामान! पेमेंट के लिए लिंक पर क्लिक करते ही व्यापारी पहुंच गया थाने

बैंक खाते से पैसे कटने के बाद पीड़ित को अपने साथ ठगी का अहसास हुआ। दरअसल, दनकौर कस्बा में सुशील मांगलिक परचून की दुकान चलाते है।

दनकौर कस्बे के एक किराना व्यापारी से ठगी का मामला सामने आया है। पुलिसकर्मी बनकर एक शख्स ने किराना व्यापारी को फोन किया और उनसे 13 हजार रुपये का घरेलू सामान खरीद लिया। ऑनलाइन पेमेंट करने के लिए खुद को पुलिसकर्मी बताने वाले शख्स ने वॉट्सऐप पर एक लिंक भेजा। व्यापारी ने लिंक न खोलने की बात कही तो उसने किसी तरह की धोखाधड़ी न होने का आश्वासन दिया। जैसे ही उन्होंने लिंक पर क्लिक किया तो उनके बैंक खाते से एक—एक कार दो बार में 70 हजार रुपये कट गए।

बैंक खाते से पैसे कटने के बाद पीड़ित को अपने साथ ठगी का अहसास हुआ। दरअसल, दनकौर कस्बा में सुशील मांगलिक परचून की दुकान चलाते है। रविवार को उनके पास फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को दनकौर कोतवाली में बतौर सिपाही तैनात होने की बात कही। जब उसने खुद को दनकौर कोतवाली में तैनात होने की बात कही तो उन्हें शक नहीं हुआ। व्यापारी ने फोन पर पूछकर करीब 13 हजार रुपये का सामान पैंक करा दिया। सामान खरीदने के बाद उसने पेमेंट करने की बात कही। साथ ही किसी को भेजकर सामान लाने की बातकहकर पेमेंट के लिए लिंक भेज दिया।

जैसे ही किराना व्यापारी ने लिंक पर क्लिक किया। तभी उनके खाते से दो बार करीब 70 हजार रुपये कट गए। खाते से पैसे कटने का मैसेज आने पर जैसे ही उन्होंने उस नंबर पर कॉल किया तो वह बंद हो गया। जिसके बाद उन्हें खुद के साथ ठगी का अहसास हुआ। व्यापारी ने दनकौर कोतवाली पहुंचकर मामले की शिकायत पुलिस से की है।

 

Aashish Gupta

आशीष गुप्ता ने जागरण इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता का डिप्लोमा किया है और राजनीतिक विज्ञान में MA करने के बाद वह राष्ट्रीय सहारा, दैनिक जागरण जैसे देश के प्रमुख समाचार संस्थानों में कार्यरत रहे। 2015 में पीआर कंपनी मेक यू बिग मीडिया प्राइवेट की स्थापना करने के बाद 2021 में फ़ेडरल भारत की शुरुआत की।

Aashish Gupta

आशीष गुप्ता ने जागरण इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता का डिप्लोमा किया है और राजनीतिक विज्ञान में MA करने के बाद वह राष्ट्रीय सहारा, दैनिक जागरण जैसे देश के प्रमुख समाचार संस्थानों में कार्यरत रहे। 2015 में पीआर कंपनी मेक यू बिग मीडिया प्राइवेट की स्थापना करने के बाद 2021 में फ़ेडरल भारत की शुरुआत की।

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