Delhi Blast Case: एनआईए के रडार पर आए फरीदाबाद की अल-फलाह विश्वविद्यालय के तीन और डॉक्टर, रची गई बड़ी साजिश
जांच में सामने आया है कि नबी समेत पूरे घटनाक्रम में कम से कम चार अन्य डॉक्टर कार्यरत थे, जिसमें 11 की मौत हुई है। अधिकारियों ने कहा कि हिरासत में लिए गए तीन डॉक्टरों उमर के संपर्क में थे।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार धमाके के सिलसिले में पूछताछ के लिए तीन डॉक्टरों को हिरासत में लिया है। ये सभी हाल ही में फरीदाबाद में अल-फलाह विश्वविद्यालय से जुड़े थे। अधिकारियों की माने तो विस्फोट करने वाली कार के चालक डॉ उमर के घर को शुक्रवार तड़के ध्वस्त कर दिया गया।
जांच में सामने आया है कि नबी समेत पूरे घटनाक्रम में कम से कम चार अन्य डॉक्टर कार्यरत थे, जिसमें 11 की मौत हुई है। अधिकारियों ने कहा कि हिरासत में लिए गए तीन डॉक्टरों उमर के संपर्क में थे। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बंदियों की पहचान फिरोजपुर झिरका के सुनहेरा गांव के निवासी डॉ. मुश्तकीम के रूप में हुई है, जो अपनी एमबीबीएस पूरी करने के बाद चीन से लौटे थे और अल-फलाह मेडिकल कॉलेज में इंटर्नशिप कर रहे थे। अहमदबास गांव के डॉ. मोहम्मद और डॉ. रेहान हयात, जो अब अल-फलाह में एमबीबीएस पूरी करने के बाद तौरू के एक निजी अस्पताल में काम कर रहे है।
डॉ. मुश्तकीम की इंटर्नशिप विस्फोट से एक हफ़्ते पहले दो नवंबर को खत्म हुई थी, जबकि डॉ. मोहम्मद ने हाल ही में अपनी डिग्री पूरी की थी। एनआईए के मुताबिक, गिरफ़्तार संदिग्धों से पूछताछ के दौरान उनके नाम सामने आए और कॉल डिटेल रिकॉर्ड से पता चला कि वे डॉ. उमर और डॉ. मुज़म्मिल के लगातार संपर्क में थे।
परिवार ने कहा कि हिरासत में लिए गए डॉक्टर निर्दोष हैं। उनके चाचा परमाल ने कहा, मुश्तकीम एक अच्छा लड़का है। वह ऐसी गतिविधियों में शामिल नहीं हो सकता। उन्होंने याद दिलाया कि दिल्ली पुलिस ने गुरुवार रात उसे हिरासत में लेने से पहले हफ़्ते की शुरुआत में उससे पूछताछ की थी।
जम्मू और कश्मीर के पुलवामा ज़िले में, डॉ. उमर के दो मंज़िला घर को गुरुवार देर रात ध्वस्त कर दिया गया। एनआईए की सहायता कर रहे दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि अल-फ़लाह विश्वविद्यालय की जांच तेज़ हो गई है। इस मामले में उमर, मुज़म्मिल और डॉ. शाहीन शाहिद को पहले ही गिरफ़्तार किया जा चुका है।
इस बीच, विश्वविद्यालय के अध्यक्ष जवाद अहमद सिद्दीकी और उनके परिवार के बारे में जानकारी जुटाने के लिए टीमें मध्य प्रदेश भेजी गईं, जहां जांचकर्ता संदिग्धों के शैक्षणिक, वित्तीय और व्यक्तिगत संबंधों का पता लगाया जा रहा है।




