Greater Noida: शहर में नहीं सुधर रही पेयजल व्यवस्था, दूषित पानी आने से मचा हड़कंप
सेक्टरवासियों ने बताया कि एफ ब्लॉक में दूषित पानी की सप्लाई घरों में हुई। रोजाना काम के लिए पानी की टंकी शुरू की तो उसका रंग काला दिखाई दिया। आरोप है कि पीने के पानी में भी सीवर का पानी मिलकर आ रहा है।

ग्रेटर नोएडा के सेक्टर डेल्टा—1 और अल्फा—2 में दूषित पानी की वजह से लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे है। पानी की समसस्या से निजात दिलाने की कोशिश ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारी कर रहे है। अल्फा—2 में शुक्रवार को जांच के दौरान 65 मरीज सामने आए थे, जिनमें 32 पेट की समस्या से ग्रस्त पाए गए। लगातार प्राधिकरण के अधिकारियों की तरफ से गंदे पानी की सप्लाई को रोकने का हरसंभव प्रयास किया जा रहा है।
सेक्टरवासियों ने बताया कि एफ ब्लॉक में दूषित पानी की सप्लाई घरों में हुई। रोजाना काम के लिए पानी की टंकी शुरू की तो उसका रंग काला दिखाई दिया। आरोप है कि पीने के पानी में भी सीवर का पानी मिलकर आ रहा है। मजबूरी में सेक्टरवासियों को बाहर से पानी खरीदकर पीना पड़ रहा है। बदबूदार पानी होने की वजह से सेक्टरवासी नहा भी नहीं पा रहे है। प्राधिकरण ने अल्फा—2 सेक्टर के आई ब्लॉक में पाइप लाइन बदलने का कार्य शुरू कर दिया है। इन्हें बदलने के बाद सेक्टर के घरों में स्वच्छ पानी पहुंचना शुरू हो जाएगा। साथ ही बीमारी होने का खतरा भी कम हो जाएगा।
अल्फा—2 आरडब्ल्यूए अध्यक्ष सुभाष भाटी ने बताया कि एफ ब्लॉक में दूषित पानी की सप्लाई हुई। पानी का रंग बेहद काला था। बदबू आने से लोग नहा भी नहीं पा रहे थे। सुभाष भाटी ने बताया कि शुक्रवार को डाढा स्थित सामूदायिक स्वास्थ्य केंद्र की टीम मेडिकल जांच के लिए सेक्टर पहुंची थी। लेकिन शनिवार को कोई भी टीम नहीं पहुंची। उन्होंने बताया कि सेक्टर में अभी भी ओर भी मरीज हो सकते है। उसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग की तरफ से लापरवाही बरती जा रही है।



