गौर चौक हादसा: निर्माणाधीन अंडरपास पर लापरवाही बनी दो मौतों की वजह

नोएडा : ग्रेटर नोएडा वेस्ट के गौर चौक पर निर्माणाधीन अंडरपास पर सुरक्षा के नियमों को ताक पर रख दिया गया।
सोमवार देर रात इसी लापरवाही के चलते डुकाटी बाइक सवार दो युवाओं – अंकुर सिंह (पंचशील ग्रीन टू निवासी) और कशिश (गौर सिटी दो निवासी) – की दर्दनाक मौत हो गई।
रिफ्लेक्टर और चेतावनी बोर्डों का अभाव
जिस जगह हादसा हुआ, वहां निर्माण कार्य तीन महीने से चल रहा है, लेकिन न तो कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया था और न ही एक किलोमीटर पहले से किसी भी तरह की सूचना दी गई थी। हादसे के बाद आनन-फानन में कुछ रिफ्लेक्टर लगाए गए, लेकिन तब तक दो जिंदगियां खत्म हो चुकी थीं।
सेफ्टी मार्शल भी नदारद
निर्माणस्थल के पास रात के समय कोई सेफ्टी मार्शल मौजूद नहीं था, जो लोगों को सुरक्षित मार्ग दिखा सके या जोखिम वाली जगहों से रोक सके। यह स्थिति तब है जब प्राधिकरण के अधिकारी साइट का रोजाना निरीक्षण करते हैं।
कोई स्पीड लिमिट या खतरे का संकेत नहीं
अंडरपास क्षेत्र में कहीं भी गति सीमा (Speed Limit) या खतरे के संकेतक नहीं लगे हैं। अगर संकेत बोर्ड होते तो बाइक सवार समय रहते सतर्क हो सकते थे।
गौर चौक एक व्यस्त चौराहा है, जहां से प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं, लेकिन सुरक्षा के मामले में पूरी तरह लापरवाही बरती गई।
हादसे के बाद भी नहीं सुधरे हालात
दुखद यह है कि दो लोगों की मौत के बाद भी मौके पर अब तक सभी जरूरी सुरक्षा उपाय पूरे नहीं किए गए हैं। इससे पता चलता है कि ठेकेदार और अथॉरिटी दोनों ही जिम्मेदारी से मुंह मोड़ रहे हैं।




