Ghaziabad: ‘मानवाधिकार केवल अधिकार नहीं, बल्कि सम्मान और स्वतंत्रता के प्रतीक हैं’
गाजियाबाद के हरित विश्वविद्यालय में मानव गरिमा और समानता उत्सव का भव्य आयोजन।

अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के अवसर पर गाजियाबाद के हरित विश्वविद्यालय में बुधवार को एक विशेष विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. अनिल अग्रवाल और उपकुलाधिपति डॉ. अंजुल अग्रवाल के निर्देश पर आयोजित किया गया। जिसमें 1948 में पारित मानवाधिकारों की सार्वभौम घोषणा की 77वीं वर्षगांठ का महत्व विशेष रूप से रेखांकित किया गया।
इस वर्ष की थीम “Human Rights, Our Everyday Essentials पर आधारित कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि मानवाधिकार सकारात्मक, आवश्यक और सबके लिए प्राप्य हैं। मानव गरिमा और न्याय की स्थापना के लिए समाज में इनका संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। विधि संकायाध्यक्ष डॉ. अजय कुमार ने कहा कि सार्वभौम मानवाधिकार घोषणा को मानव गरिमा व स्वतंत्रता का आधार है। मानवाधिकार केवल अधिकार नहीं, बल्कि सम्मान, समानता और स्वतंत्रता के प्रतीक हैं। इनका संरक्षण करके हम आने वाली पीढ़ियों के लिए न्यायसंगत एवं संवेदनशील समाज का निर्माण कर सकते हैं।
विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. डीके शर्मा ने शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दिवस हमें मानवाधिकारों के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारियों की याद दिलाता है। मानवाधिकारों को सामाजिक विकास की मूलभूत शर्त बताते हुए उन्होंने कहा कि मानवाधिकारों का पालन सुनिश्चित करना ही सशक्त समाज एवं उन्नत राष्ट्र निर्माण की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदम है।




