शहरी पेयजल व्यवस्था को सुधारने के लिए 580 करोड़ की मिली सौगात, लाखों लोगों को मिलेगा स्वच्छ पानी
बरेली नगर निगम में पेयजल प्रणाली को नए सिरे से विकसित करने के लिए फेज-1 पुनर्गठन परियोजना को व्यय वित्त समिति से 26,595.46 लाख की स्वीकृति मिल चुकी है।

योगी कैबिनेट ने मंगलवार को शहरी पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए दो अहम प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि अटल नवीकरण एवं शहरी रूपांतरण मिशन-अमृत 2.0 के तहत बरेली और कानपुर नगर निगम क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति सुधारने और नेटवर्क विस्तार के लिए कुल 582.74 करोड़ की परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। दोनों योजनाएं शहरों की बड़ी आबादी को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने में मील का पत्थर साबित होंगी।
बरेली नगर निगम में पेयजल प्रणाली को नए सिरे से विकसित करने के लिए फेज-1 पुनर्गठन परियोजना को व्यय वित्त समिति से 26,595.46 लाख की स्वीकृति मिल चुकी है। इसमें भारत सरकार का हिस्सा 8,530.96 लाख, राज्य सरकार का 14,504.95 लाख और नगर निगम का अंश 2,559.55 लाख शामिल है। परियोजना के पूरा होने पर बरेली में लगभग 92 प्रतिशत आबादी, यानी करीब 9 लाख लोग, नियमित और सुरक्षित पेयजल आपूर्ति से कवर हो जाएंगे।
कानपुर नगर निगम क्षेत्र के ईस्ट और साउथ सर्विस डिस्ट्रिक्ट में 100 प्रतिशत आबादी तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए पाइपलाइन विस्तार परियोजना को 31,678.88 लाख की मंजूरी मिली है। इसमें भारत सरकार का योगदान 7,610.32 लाख, राज्य सरकार का 18,264.77 लाख और नगर निगम का हिस्सा 4,566.19 लाख है। परियोजना से कानपुर शहर के 33 वार्डों को सीधा लाभ मिलेगा और ईस्ट-साउथ जोन की पूरी आबादी को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होगा। जलजनित रोगों में भी कमी आने की उम्मीद है।




