Greater Noida: दूषित पानी मामले में श्रीराम इंस्टीट्यूट का सहारा लेगा प्राधिकरण, ग्रेनो वेस्ट की सोसाइटियों की भी होगी जांच
टीम अपने साथ पानी की जांच के लिए जरूरी उपकरण जैसे टीडीएस मीटर, पीएच व क्लोरीन किट साथ लेकर जा रही है। टीम को सप्लाई के पानी में ये सभी मानकों के अनुरूप ही मिले हैं।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की तरफ से एहतियातन पूरे शहर में पानी की जांच दूसरे दिन भी जारी है। प्राधिकरण की आठ टीमों ने सेक्टर अल्फा 1 व टू, बीटा 1 व टू , नॉलेज पार्क 1, 2 व 3, ज्यू-1, म्यू वन, ईकोटेक 1, 6, 7 व 8, टेकजोन- 4 व सेक्टर -10 और ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित आवासीय सोसायटियों में पानी की गुणवत्ता की जांच की।
टीम अपने साथ पानी की जांच के लिए जरूरी उपकरण जैसे टीडीएस मीटर, पीएच व क्लोरीन किट साथ लेकर जा रही है। टीम को सप्लाई के पानी में ये सभी मानकों के अनुरूप ही मिले हैं। जांच टीम जहां भी गई, वहां के निवासियों से सीधा संपर्क किया। आरडब्ल्यूए से फीडबैक भी लिया। निवासियों ने प्राधिकरण के इस रैंडम जांच अभियान की सराहना भी की। इसके साथ ही पानी की जांच के लिए टीम जिन जगह पर जांच के लिए जाती है, वहां के लोगों से गुणवत्ता पर नाम, नंबर व पते के साथ लिखित बयान भी दर्ज कर रही है।
गौरतलब है कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने एहतियात के तौर पर अलग-अलग जगहों से पानी की रेंडम जांच कराने के निर्देश दिए हैं। सीईओ के निर्देश पर वर्क सर्किल वाइज 8 टीमें बनाकर जांच शुरू करा दी है। लगातार चार दिन तक यह अभियान चलेगा। शनिवार इस अभियान का दूसरा दिन है। इसके अतिरिक्त प्राधिकरण ने श्रीराम इंस्टीट्यूट फॉर इंडस्ट्रियल रिसर्च लैब की भी दो टीमें तैनात की गई हैं। लैब की तरफ से रैंडम जांच की जा रही है। जांच टीम जलापूर्ति लाइनों में किसी भी प्रकार के लीकेज, सीवर चोकिंग/ओवरफ्लो तथा ड्रेन-सीवर-पानी कनेक्शन प्वाइंट्स की गहन जांच कर रही है। प्राधिकरण के जल-सीवर विभाग के सभी प्रबंधकों और सहायक प्रबंधकों की 8 टीमें बनाकर जांच कराई जा रही है। यूजीआर, पंपिंग स्टेशन आदि से भी सैंपल लिए जा रहे हैं।




