Greater Noida: इजराइल-ईरान युद्ध से ग्रेटर नोएडा के उद्योग पर संकट के बादल, पेट्रोल की किल्लत
जराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का सीधा असर अब स्थानीय फैक्ट्रियों और एक्सपोर्ट हाउसेस पर दिखने लगा है। कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों का असर लॉजिस्टिक्स पर पड़ने लगा है।
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध की वजह से गैस के दामों में इजाफा हो गया है। रविवार को पेट्रोल की किल्लत भी ग्रेटर नोएडा में दिखाई दी। हालांकि, जिला आपूर्ति विभाग ने पेट्रोल के खत्म होने से इनकार किया है। घरेलू रसोई गैस 14.2 किलो वाले सिलेंडर के दाम 60 रुपये का इजाफा किया गया है। वहीं कर्मिशयल सिलेंडर के दाम में 115 रुपये महंगा हो गया है।
इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का सीधा असर अब स्थानीय फैक्ट्रियों और एक्सपोर्ट हाउसेस पर दिखने लगा है। कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों का असर लॉजिस्टिक्स पर पड़ने लगा है। आईईए के अध्यक्ष संजीव शर्मा ने बताया कि युद्ध की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। पेट्रोलियम उत्पादों पर इसका असर दिखाई दे रहा है। लॉजिस्टिक्स की लागत बढ़ रही है। जल्द ही हालात नहीं सुधरे तो उद्योगों की उत्पादन लागत में और इजाफा हो सकता है।
वहीं, गल्फ देशों में युद्ध का असर जिले में दिखाई दे रहा है। पेट्रोल पंपों पर ईंधन नहीं पहुंचने से किल्लत दिखाई दी। कई जगह पेट्रोल खत्म हो गया। सोमवार तक पेट्रोल और डीजल के आने का दावा किया जा रहा है। जिला आपूर्ति विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कंपनियों ने आपूर्ति सामान्य होने का आश्वासन दिया है। इसकी वजह से देशों में पेट्रोल और डीजलों की कीमतों में वृद्धि की गई है। भारत में भी वृद्धि होने की आशंका है। इसके डर के कारण शनिवार को काफी पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लाइन लगी रही। लोगों ने कार का टैंक फुल करवाया है।




