Greater Noida: ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला बोले-धरती की तरह अंतरिक्ष में कोई सीमाएं नहीं होती, अंतरिक्ष में बताया अपना इमोशनल मूवमेंट
कार्यक्रम में भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश केजी बालकृष्णन, ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला, अर्जेंटीना के राजदूत मारियानो ए कौसिनो, एमबीए चायवाला के संस्थापक प्रफुल्ल बिल्लोरे, शिया स्कॉलर मौलाना डॉ कल्बे रुशैद रिजवी समेत कई अन्य लोग मौजूद रहे।

नॉलेज पार्क स्थित आईआईएमटी कॉलेज में शुक्रवार को बॉर्डरलेस भारत कॉन्क्लेव के तहत ‘छात्र संसद’ का आयोजन किया गया। जिसमें चार हजार से अधिक छात्रों ने हिस्सा लिया। सम्मेलन में देश और दुनिया की प्रतिष्ठित हस्तियों ने एक साथ मंच साझा किया और युवाओं को नेतृत्व, लोकतंत्र, कूटनीति तथा वैश्विक भारत के विषयों पर मार्गदर्शन दिया।
कार्यक्रम में भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश केजी बालकृष्णन, ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला, अर्जेंटीना के राजदूत मारियानो ए कौसिनो, एमबीए चायवाला के संस्थापक प्रफुल्ल बिल्लोरे, शिया स्कॉलर मौलाना डॉ कल्बे रुशैद रिजवी समेत कई अन्य लोग मौजूद रहे। ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला विशेष आकर्षण के केंद्र रहे। उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि धरती की तरह अंतरिक्ष में कोई सीमाएं नहीं होती। आज का युवा बहुत ही काबिल है, सिर्फ उन्हे एक डॉयरेक्शन की जरूरत है। 2047 तक विकसित भारत की बात करते हैं तो यह यूथ ही उसे पूरा करेगा। आज के युवा ही भविष्य के भारत के निर्माता हैं।
उन्होंने कहा कि धरती की तरह अंतरिक्ष में कोई सीमाएं नहीं होती। अंतरिक्ष में जाने के बाद उनके लिए अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) में पहली बार भारतीय झंडा फहराना इमोशनल मूवमेंट रहा था। पूर्व मुख्य न्यायाधीश केजी. बालकृष्णन ने कहा, “एक जागरूक और शिक्षित युवा पीढ़ी ही लोकतंत्र को मजबूत बनाती है।” वहीं अर्जेंटीना के राजदूत मारियानो ए. कौसिनो ने कहा, “देशों की सीमाएं हो सकती हैं, लेकिन विचारों की कोई सीमा नहीं होती। ‘छात्र संसद’ के वहीं संस्थापक कुणाल शर्मा ने और उपाध्यक्ष आदित्य वेग्डा ने मंच से अपने विचार साझा किए। इस दौरान छात्रों ने भी प्रतिष्ठित हस्तियों से कई सवाल किए।




