Greater Noida: सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर खुला लुक्सर जेल का गेट, दोषमुक्त होने पर सुरेंद्र कोली रिहा
घटना के 18 साल बाद सु्प्रीम कोर्ट ने निठारी कांड के दोषी रहे सुरेंद्र कोली को रिहा करने का आदेश दिया था। मंगलवार को सुरेंद्र कोली की रिहाई नहीं हो सकी थी।

साल 2006 में हुए नोएडा के चर्चित निठारी कांड मामले में लुक्सर जेल में बंद सुरेंद्र कोली को रिहा कर दिया गया है। रिहाई के दौरान उनके अधिवक्ता भी जेल पहुंचे। करीब दो साल पहले कोली को गाजियाबाद की डासना जेल से लुक्सर जेल में शिफ्ट किया गया था।
घटना के 18 साल बाद सु्प्रीम कोर्ट ने निठारी कांड के दोषी रहे सुरेंद्र कोली को रिहा करने का आदेश दिया था। मंगलवार को सुरेंद्र कोली की रिहाई नहीं हो सकी थी। सभी कानूनी औपचारिकता पूरी करने के बाद बुधवार को सुरेंद्र कोली जेल से बाहर आ गया है। बता दें कि, सुप्रीम कोर्ट द्वारा क्यूरेटिव पिटीशन पर सुनवाई के बाद कोली को अंतिम केस में भी बरी करते हुए उसकी तत्काल रिहाई के आदेश दिए थे।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश आने और सीबीआई कोर्ट का परवाना मिलने के बाद गौतमबुद्ध नगर की लुक्सर जेल से निठारी हत्याकांड में दोषमुक्त सरेंद्र कोली को रिहा कर दिया गया है। शाम 7:15 बजे कोली ने जेल के बाहर कदम रखा। जेल प्रशासन ने सुरेंद्र कोली को उनके अधिवक्ताओं की टीम को सौंपा। जिसके बाद सभी कार में सवार होकर दिल्ली रवाना हो गए।
बता दें कि मुनेंद्र सिंह पंढेर भी निठारी कांड के सभी मामलों से 2023 में बरी हो चुका है। निठारी गांव में कई बच्चों के नरकंकाल मिलने के बाद मुनेंद्र सिंह पंढेर और उसके नौकर सुरेंद्र कोली को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। उस दौरान पुलिस ने दोनों पर गंभीर आरोप में मुकदमा दर्ज किया था।




