Greater Noida: नोएडा का स्क्रैप माफिया रवि काना जेल से छूटने के बाद हुआ गायब, गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने की बड़ी तैयारी
वि को अदालत में पेश किया जाना था, लेकिन उसे जेल से रिहा कर दिया गया। लापरवाही पर सामने आने पर बांदा जेल अधीक्षक को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही विभागीय जांच के निर्देश दिए गए है।

स्क्रैप और सरिया माफिया रवि काना उर्फ रवि नागर यूपी की बांदा जेल से रिहाई के बाद फरार है। जिला न्यायालय भी उसके खिलाफ बी-वारंट जारी कर चुका है। मामले की गंभीरता को देखते हुए लगातार दबिश दी जा रही हैं। नेपाल सीमा तक भी निगरानी बढ़ा दी गई है।
रवि को अदालत में पेश किया जाना था, लेकिन उसे जेल से रिहा कर दिया गया। लापरवाही पर सामने आने पर बांदा जेल अधीक्षक को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही विभागीय जांच के निर्देश दिए गए है। पुलिस के मुताबिक, रवि काना एक संगठित अपराधी है। गैंग नंबर डी-190 है। 18 से अधिक सक्रिय सदस्य हैं, जोकि दिल्ली-एनसीआर और आसपास के जिलों में हत्या, लूट, रंगदारी और धोखाधड़ी जैसे गंभीर अपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। यह गैंग सरिया और स्क्रैप के अवैध कारोबार करता था। एमएनसी कंपनी समेत अन्य प्रतिष्ठानों पर दबाव डालकर स्क्रैप का टेंडर लेता था। रवि काना और उसके परिजनों के नाम पर कई कंपनियां हैं। अवैध संपत्ति होने के सबूत मिले हैं।
रवि काना गिरोह के स्क्रैप और सरिया से जुड़े होने के सबूत मिलने पर वह विदेश भाग गया था। बाद में उसे दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया गया था। रवि काना के दोबारा लापता होने पर अदालत ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करते हुए पुलिस को तत्काल गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं।
अब उसके दोबारा विदेश भागने की आशंका हे। नोएडा पुलिस जल्द ही उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर सकती है। उसके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नेपाल के आस—पास उसकी तलाश की जा रही है। जांच के दौरान ऐसे इनपुट मिले हैं, वह विदेश में शरण ले सकता है।
अगर जल्द ही पुलिस उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करती है तो उसे पकड़ना आसान हो जाएगा। साथ ही विदेशी भी नहीं भाग पाएगा। उससे पहले भी थाइलैंड से प्रत्यार्पण किया गया था। रवि काना के स्क्रैप कारोबार का पश्चिमी यूपी में ही नहीं, बल्कि हरियाणा और राजस्थान तक फैला है। उसने कई राज्यों में अपने गुर्गे पाल रखे है।




