Greater Noida: दूषित पानी से पीने से बढ़े मरीजों की संख्या, जांच के लिए पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम, प्राधिकरण ने रैंडम जांच की शुरू
अल्फा—2 आरडब्ल्यूए अध्यक्ष सुभाष भाटी ने बताया कि सीवर का पानी का सेक्टर की नालियों में भरा रहता है। लोहे की पाइप लाइन पुरानी होने की वजह से उसमें गंदा पानी मिलकर घरों तक पहुंच रहा है।

सेक्टर डेल्टा—1 के बाद अल्फा—2 में भी दूषित पानी पीने से बीमार होने का मामला सामने आया है। शुक्रवार को अल्फा—2 पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सैंकड़ों मरीजों की जांच की। जांच के दौरान करीब 62 लोग बीमार पाए गए हैं, जिनमें से 32 लोगों में पेट संबंधित बीमारी से ग्रस्त पाए गए है।
अल्फा—2 आरडब्ल्यूए अध्यक्ष सुभाष भाटी ने बताया कि सीवर का पानी का सेक्टर की नालियों में भरा रहता है। लोहे की पाइप लाइन पुरानी होने की वजह से उसमें गंदा पानी मिलकर घरों तक पहुंच रहा है। जिससे उनके घरों में बीमारी बढ़ रही है। स्वास्थ्य विभाग की 12 से अधिक सदस्यीय टीम अल्फा—2 पहुंची। जहां चार से पांच डॉक्टरों ने डोर टू डोर जाकर लोगों के स्वस्थ्य जांच की और दवाइयां दी। दूसरी तरफ जिला मलेरिया विभाग की टीम ने सेक्टर से पानी का नमूना एकत्र किया है। पानी के नमूने की जांच गाजियाबाद स्थित लैब से जांच कराई जाएगी।
पीलिया से ग्रस्त हो रहे बच्चे
ग्रेटर नोएडा वेस्ट के पंचमुखी अपार्टमेंट (जनता फ्लैट) में दूषित पानी पीने की वजह से बच्चे पीलिया के शिकार हो रहे है। आरडब्ल्यूए ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों से घटना की शिकायत की है। आलम ये है कि परिसर में पानी की पाइप लाइन टूटी पड़ी है। पानी पीने से करीब 70 फीसदी बच्चे पीलिया से ग्रस्त है। समस्या पानी की पाइप लाइन ठीक न होने से हो रही है। पीने के पानी सीवर का पानी मिलकर आ रहा है। जिसके कारण घरों में हो रही सप्लाई में गंदा पानी आता है।
वर्क सर्किल वाइज जांच के लिए कुल आठ टीमें गठित
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण एरिया पानी, सीवर व ड्रेन की रैंडम जांच शुरू हो गई है। प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने एहतियात के तौर पर अलग-अलग जगहों से पानी की रेंडम जांच कराने का निर्णय लिया है। सीईओ के निर्देश पर वर्क सर्किल वाइज 8 टीमें बनाकर जांच शुरू करा दी है। लगातार चार दिन तक यह अभियान चलेगा। इसके अतिरिक्त प्राधिकरण ने श्रीराम इंस्टीट्यूट फॉर इंडस्ट्रियल रिसर्च लैब की भी दो टीमें तैनात की हैं। लैब की तरफ से रैंडम जांच शुरू करा दी है। प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने जलापूर्ति लाइनों में किसी भी प्रकार के लीकेज, सीवर चोकिंग /ओवरफ्लों और ड्रेन-सीवर-पानी कनेक्शन प्वाइंट्स की गहन एवं रैंडम जांच करने के निर्देश दिए हैं। जल-सीवर विभाग के सभी प्रबंधकों और सहायक प्रबंधकों की 8 टीमें बनाकर जांच शुरू करा दी गई है।
प्राधिकरण की अपील
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सुनील कुमार सिंह ने कहा है कि प्राधिकरण ग्रेटर नोएडा एरिया में स्वच्छ जलापूर्ति के लिए प्रतिबद्ध है। अगर किसी एरिया में दूषित पानी के सप्लाई होने की जानकारी प्राप्त होती है तो इसकी सूचना शीघ्र प्राधिकरण के जल विभाग को दें। संपर्क के लिए वरिष्ठ प्रबंधक जल (9205691408) और प्रबंधक जल (8937024017) के मोबाइल नंबर जारी किए गए हैं।



