Greater Noida: ग्रेटर नोएडा वेस्ट में प्रदूषण के खिलाफ एकजुट हुए लोग, RMC प्लांटों पर कार्रवाई की मांग

ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर-1 क्षेत्र में चल रहे आरएमसी (रेडी मिक्स कंक्रीट) प्लांटों से फैल रहे प्रदूषण ने लोगों के जीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। क्षेत्र के निवासियों का कहना है कि इन प्लांटों से उड़ने वाली धूल और सीमेंट के महीन कणों ने पूरे इलाके की हवा को जहरीला बना दिया है। लगातार बढ़ते प्रदूषण से यहां रहने वाले लोगों को सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन और त्वचा संबंधी बीमारियों की शिकायतें बढ़ रही हैं।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, सेक्टर-1 और उसके आसपास कई आरएमसी प्लांट बिना किसी अनुमति के संचालित हो रहे हैं। दिन-रात इन प्लांटों में गिट्टियों को तोड़ने, सीमेंट मिलाने और कंक्रीट तैयार करने का कार्य होता है। इस प्रक्रिया के दौरान उड़ने वाली धूल और कण आसपास की सोसाइटियों – एस डिवीनो, विहान ग्रीन, अंतरिक्ष, एआईजी रॉयल और हेरिटेज तक फैल जाती है। लोगों का कहना है कि पिछले दो वर्षों में इन प्लांटों की संख्या बढ़ती जा रही है, लेकिन किसी भी प्रशासनिक विभाग ने इस पर ध्यान नहीं दिया।
इस समस्या के खिलाफ अब क्षेत्र के निवासी, एक्टिव अलायंस पीपल और उत्तम प्रयास जैसे सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर सक्रिय हो गए हैं। इन संस्थाओं ने इस मुद्दे को सी.ए.क्यू.एम, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण तक पहुंचाने की मुहिम शुरू की है। संगठनों का कहना है कि यह केवल पर्यावरण का नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य का गंभीर प्रश्न बन चुका है।
एक्टिव अलायंस पीपल और उत्तम प्रयास एनजीओ ने क्षेत्र में प्रदूषण के स्तर की जांच शुरू की है। उन्होंने बताया कि वे जल्द ही प्रदूषण से संबंधित साक्ष्य और रिपोर्ट तैयार कर संबंधित विभागों को सौंपेंगे। दोनों संगठनों ने कहा कि अगर प्रशासन ने जल्द कोई कदम नहीं उठाया, तो वे इस मुद्दे पर आरटीआई और जनहित याचिका दायर करेंगे।
निवासियों का कहना है कि अवैध प्लांटों के कारण न केवल हवा दूषित हो रही है, बल्कि दिन-रात चलने वाले ट्रकों से सड़कों की हालत भी खराब हो चुकी है। जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। लोग मानते हैं कि संबंधित अधिकारियों की चुप्पी और लापरवाही इस समस्या को और गहरा रही है।
उत्तम प्रयास एनजीओ ने क्षेत्र में स्वास्थ्य शिविर और वायु गुणवत्ता परीक्षण अभियान शुरू करने की घोषणा की है। वहीं, एक्टिव अलायंस पीपल ने लोगों से अपील की है कि वे इस मुद्दे पर एकजुट रहें ताकि प्रशासन को कार्रवाई के लिए बाध्य किया जा सके।


