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Greater Noida: पिता के सामने ही डूब गया सॉफ्टवेयर इंजीनियर बेटा, लोगों ने इंसाफ की लगाई गुहार

मृतक युवराज के पिता राज कुमार मेहता ने बताया कि करीब 12 बजे उनके बेटा का फोन आया और उसने सोसाइटी के बेसमेंट में गिरने की बात कही। करीब 30 मिनट वह घटना स्थल को ढूंढते रहे। जब वह पहुंचे तो युवराज कार की छत पर लेटा हुआ था।

सेक्टर—150 के पास बेसमेंट में भरे पानी में कार समेत डूबने से हुई सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत मामले में दो बिल्डरों पर मुकदमा दर्ज ​किया गया है। मृतक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पिता की तहरीर पर नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस ने दो बिल्डर कंपनी एमजे विशटाउन व लोटस ग्रीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। वहीं, घटना के बाद जागा नोएडा प्राधिकरण ने मौके पर बैरिकेड भी लगवा दिए है। उधर, यूरेका पार्क सोसाइटी निवासियों ने रविवार को घटना के विरोध में कैंडल मार्च निकालकर प्रदर्शन किया। निवासियों ने जल्द से जल्द दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

मृतक युवराज के पिता राज कुमार मेहता ने बताया कि करीब 12 बजे उनके बेटा का फोन आया और उसने सोसाइटी के बेसमेंट में गिरने की बात कही। करीब 30 मिनट वह घटना स्थल को ढूंढते रहे। जब वह पहुंचे तो युवराज कार की छत पर लेटा हुआ था। साथ ही बचाने की गुहार लगा रहा था। टार्च जलाकर अपने जिंदा होने का भी सबूत दिया। मौके पर कोई गोताखोर भी नहीं पहुंचा। राहत और बचाव में देरी होने की वजह से उनका बेटा आंखों के सामने ही पानी में डूब गया। एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के जवानों को बुलाया गया। कई घंटे के सर्च ऑपरेशन के बाद उन्होंने पुत्र को बाहर निकाला, लेकिन तबतक उसकी मौत हो चुकी थी।

इंजीनियर की मौत मामले में मौके पर मौजूद दमकल, एसडीआरएफ और पुलिस की मानवीय संवेदनहीनता सामने आई है। करीब 80 लोगाें के स्टाफ में से किसी ने भी पानी में उतरने की हिम्मत नहीं जुटाई, जबकि आनलाइन कंपनी में काम करने वाले डिलीवरी बाय मुनेंद्र ने प्रयास किया। मृतक के पिता राजकुमार मेहता पूरी घटना के प्रत्यक्षदर्शी रहे। दमकल विभाग ने क्रेन मंगवाई। आरोप है कि क्रेन पर चढ़ कर सिर्फ रस्सी फेंकते रहे। ठंडे पानी में एसडीआरएफ कर्मी भी उतरने से कतराते रहे। सिर्फ नौकरी के नाम पर खानापूर्ति की गई। साहस दिखाते तो युवराज की जान बच सकती थी। जिसके बाद करीब पौने दो बजे युवराज कार समेत पानी में डूब गए।

गाजियाबाद स्थित एनडीआरएफ टीम को भी करीब दो बजे सूचना मिली। घने कोहरे के कारण टीम को पहुंचने में करीब डेढ़ घंटा लग गया। मौके पर पहुंचते ही टीम के कर्मियों ने जेसीबी से वोट उतरने का स्थान बनवाया। 15 मिनट बाद कर्मी वोट से उतरे और 40 मिनट में युवराज को तलाश कर लगभग चार बजे बाहर निकाल कर अस्पताल भेजवा दिया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। रेस्क्यू आपरेशन में शामिल एनडीआरएफ के एक कर्मी ने बताया कि उनकी टीम पहुंची तब दमकल की टीम मौके पर मौजूद नहीं थी

 

 

Aashish Gupta

आशीष गुप्ता ने जागरण इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता का डिप्लोमा किया है और राजनीतिक विज्ञान में MA करने के बाद वह राष्ट्रीय सहारा, दैनिक जागरण जैसे देश के प्रमुख समाचार संस्थानों में कार्यरत रहे। 2015 में पीआर कंपनी मेक यू बिग मीडिया प्राइवेट की स्थापना करने के बाद 2021 में फ़ेडरल भारत की शुरुआत की।

Aashish Gupta

आशीष गुप्ता ने जागरण इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता का डिप्लोमा किया है और राजनीतिक विज्ञान में MA करने के बाद वह राष्ट्रीय सहारा, दैनिक जागरण जैसे देश के प्रमुख समाचार संस्थानों में कार्यरत रहे। 2015 में पीआर कंपनी मेक यू बिग मीडिया प्राइवेट की स्थापना करने के बाद 2021 में फ़ेडरल भारत की शुरुआत की।

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