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क्या ईरान से डर गया अजरबैजान? जंग थमी, तो तेहरान से नजदीकियां बढ़ाईं

नोएडा : मध्य-पूर्व में जारी तनातनी के बीच अब क्षेत्रीय समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। ईरान और इजरायल के बीच जब से युद्धविराम की स्थिति बनी है, तभी से अजरबैजान अचानक ईरान के करीब आता दिख रहा है। विशेषज्ञ इसे डर या रणनीतिक बचाव के तौर पर देख रहे हैं।

इजरायल का ईरान को सख्त अल्टीमेटम

इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि ईरान को फौरन अपने पास जमा संवर्धित (Enriched) यूरेनियम वापस करना होगा। उनका कहना है कि यही यूरेनियम परमाणु बम बनाने में इस्तेमाल हो सकता है, और इस मुद्दे पर अमेरिका और इजरायल की साझा नीति बेहद सख्त है।

हालिया हमलों का मकसद: ईरान की परमाणु ताकत को कमजोर करना

काट्ज ने दावा किया कि हाल में ईरान पर किए गए इजरायली हमलों का मकसद उसकी परमाणु क्षमता को खत्म करना था।

उन्होंने कहा कि ईरान की यूरेनियम ट्रांसफर फैसिलिटी को तबाह कर दिया गया है, जिससे उसकी हथियार निर्माण की क्षमता काफी हद तक खत्म हो गई है।

अब भी रहस्य बना है यूरेनियम का ठिकाना

रक्षा मंत्री ने स्वीकार किया कि इजरायल को नहीं पता कि ईरान ने संवर्धित यूरेनियम को कहां छिपाया है। फोर्डो साइट पर ट्रकों की गतिविधि देखकर संदेह है कि हमलों से पहले ही यूरेनियम को दूसरी जगह भेज दिया गया था।

यूरोपीय एजेंसियों का मानना है कि ईरान के पास अब भी करीब 408 किलोग्राम हाई-ग्रेड यूरेनियम मौजूद है।

खामेनेई पर सीधा हमला करना चाहता था इजरायल

काट्ज ने चौंकाने वाला खुलासा किया कि युद्ध के दौरान इजरायल की योजना ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई को मारने की थी।

लेकिन वो बंकर में छिप गए जिससे यह ऑपरेशन विफल हो गया। इससे साफ है कि इजरायल ईरानी नेतृत्व को खत्म करने की पूरी तैयारी में था।

क्या अमेरिका से ली गई थी इजाजत?

इस सवाल पर काट्ज ने साफ कहा कि इजरायल को अपने फैसलों के लिए किसी से अनुमति लेने की जरूरत नहीं है। यानी खामेनेई को निशाना बनाने की योजना पूरी तरह इजरायल की अपनी रणनीति थी।

आगे क्या? यूरेनियम नहीं सौंपा तो सीधा हमला संभव

काट्ज के बयानों से साफ है कि अब इजरायल ईरान के खिलाफ और ज्यादा सख्त कदम उठाने के मूड में है।

यदि ईरान ने अपने यूरेनियम भंडार को अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों को नहीं सौंपा, तो सैन्य कार्रवाई और तेज हो सकती है। यह सिर्फ चेतावनी नहीं, बल्कि एक निर्णायक मोड़ भी हो सकता है

 

 

Divya Gupta

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