हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियाँ नहीं दे रहीं उपभोक्ताओं को जीएसटी छूट का लाभ — कोनरवा अध्यक्ष डॉ. पी.एस. जैन ने वित्त मंत्री को लिखा पत्र

नोएडा: कॉन्फेडरेशन ऑफ रेज़िडेंट वेलफेयर एसोसिएशंस (CONRWA) के अध्यक्ष डॉ. पी.एस. जैन (अधिवक्ता) ने आज केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को एक महत्वपूर्ण पत्र लिखकर यह गंभीर मुद्दा उठाया है कि स्वास्थ्य बीमा कंपनियाँ सरकार द्वारा घोषित जीएसटी छूट का लाभ उपभोक्ताओं तक नहीं पहुँचा रही हैं, बल्कि इसके विपरीत उन्होंने प्रीमियम में अनुचित वृद्धि कर दी है।
डॉ. जैन ने कहा कि सरकार द्वारा हाल ही में स्वास्थ्य बीमा पर जीएसटी समाप्त कर जनता को राहत देने की घोषणा की गई थी, ताकि आम नागरिकों, वरिष्ठ नागरिकों और मध्यम वर्ग को आर्थिक राहत मिल सके। परंतु अधिकांश इंश्योरेंस कंपनियाँ इस छूट का लाभ ग्राहकों को न देकर स्वयं लाभ कमा रही हैं, जो न केवल सरकार की मंशा के विपरीत है बल्कि उपभोक्ताओं के साथ धोखा भी है।
उन्होंने यह भी बताया कि जिन नागरिकों ने लंबी अवधि (multi-year) के लिए हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम एकमुश्त जमा कर दिया था और उस पर जीएसटी का भुगतान भी किया था, उन्हें अब जीएसटी समाप्त होने के बाद अग्रिम वर्षों के लिए जमा जीएसटी की राशि वापस की जानी चाहिए।
कोनरवा की मांगें:
- सभी स्वास्थ्य बीमा कंपनियों को निर्देश दिए जाएँ कि वे जीएसटी छूट का पूरा लाभ ग्राहकों को तत्काल दें।
- बीमा कंपनियों द्वारा किए गए प्रीमियम वृद्धि की समीक्षा हेतु एक स्वतंत्र समिति गठित की जाए।
- IRDAI (भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण) को इस विषय पर सख्त निगरानी और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जाएँ।
- जिन उपभोक्ताओं ने अग्रिम वर्षों का बीमा कराया है, उनके लिए अग्रिम जमा जीएसटी की वापसी सुनिश्चित की जाए।
- आम नागरिकों को राहत देने हेतु सरकार शीघ्र हस्तक्षेप करे और उपयुक्त दिशा-निर्देश जारी करे।
डॉ. जैन ने कहा कि यह स्थिति बेहद चिंताजनक है क्योंकि स्वास्थ्य बीमा अब आम नागरिक की आवश्यकता बन चुका है। वरिष्ठ नागरिक, जिनकी चिकित्सा आवश्यकताएँ अधिक होती हैं, इस बढ़े हुए प्रीमियम और अनुचित शुल्क वृद्धि से सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने कहा, “सरकार ने जीएसटी खत्म कर जनता को राहत देने का सराहनीय कदम उठाया, लेकिन अगर बीमा कंपनियाँ इस लाभ को जनता तक नहीं पहुँचातीं, तो यह राहत अधूरी रह जाएगी। सरकार को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए ताकि जनता को वास्तविक फायदा मिले।”




