राकेश टिकैत की अगुवाई में जीरो पॉइंट पर हुई बैठक में उठाए गए अहम मुद्दे, अरावली का भी उठाया गया मुद्दा
राकेश टिकैत ने कहा कि केंद्र की सरकार पूंजीवादियों की है। यह अरावली के 100 मीटर से नीचे के पहाड़ों की कटिंग करेंगे। अरावली के पश्चिम साइड रेत के टीले बने हैं।

यमुना एक्सप्रेस—वे के जीरो पॉइंट पर सोमवार को भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष की अगुवाई में एक महापंचायत का आयोजन किया गया। जिसमें अलीगढ़, मथुरा, हाथरस और आगरा और गौतमबुद्ध नगर के बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए।
राकेश टिकैत ने कहा कि केंद्र की सरकार पूंजीवादियों की है। यह अरावली के 100 मीटर से नीचे के पहाड़ों की कटिंग करेंगे। अरावली के पश्चिम साइड रेत के टीले बने हैं। जहां से रेत राजस्थान से उड़कर आता है तो यह पहाड़ी उसे रोकती हैं। जिनकी वजह से स्वच्छ हवा हमारे पास तक आती है। जेवर एयरपोर्ट से प्रभावित और विस्थापित किसानों के मुद्दे भी उठाया गया। उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार किसानों के हितों की रक्षा करने में नाकाम साबित हो रही है।
जेवर एयरपोर्ट से प्रभावित युवाओं को एयरपोर्ट में रोजगार नहीं दिला पा रही है। उसमें भी ठेकेदारी प्रथा को बढ़ावा दिया जा रहा है। एयरपोर्ट के लिए जमीन देने वाले किसानों की आजीविका संकट में है। रोजगार में प्राथमिकता मिलनी चाहिए। साथ ही इस मौके पर भूमिहीन किसानों और मजदूरों का मुद्दा उठाया गया। महापंचायत में यमुना प्राधिकरण के ओएसडी शैलेंद्र सिंह, एडीएम मंगलेश दुबे व पुलिस के अधिकारी पहुंचे। किसानों को अधिकारियों ने उनकी समस्या का हल कराने का 14 जनवरी तक का समय दिया। 12, 13 और 14 जनवरी को तीनों पाधिकरण के अधिकारियों और किसानों के बीच बैठक होगी।




