ग्रेनो प्राधिकरण में वायु प्रदूषण को लेकर हुई अहम बैठक, नाराज हुए प्रमुख सचिव, मंत्री ने दिए ये निर्देश
समीक्षा बैठक के दौरान प्रदूषण हॉटस्पॉट कम करने और नोएडा से नवंबर 2026 तक 1.85 लाख से अधिक पुराने वाहनों को बाहर करने की योजना पर चर्चा की गई।

बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के ऑडिटोरियम में राज्यमंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने समीक्षा बैठक की। जिसमें जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह, प्रमुख सचिव अनिल कुमार, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड लखनऊ के अध्यक्ष डॉ. आरपी सिंह, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड लखनऊ के सदस्य सचिव संजीव सिंह, डीएम गौतमबुद्ध नगर मेधा रूपम, डीएम बुलंदशहर श्रुति, डीएम हापुड़ अभिषेक पांडे और गाजियाबाद के सीडीओ अभिनव गोपाल, ग्रेनो प्राधिकरण की एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस, नोएडा और यमुना की एसीईओ, सीडीओ डॉ. शिवाकांत द्विवेदी आदि मौजूद रहे।
प्रमुख सचिव अनिल कुमार ने खुर्जा में एक्यूआई में 42 प्रतिशत की बढ़ोतरी पर नाराजगी जाहिर की है। वहीं, बुलंदशहर में विभागीय अधिकारियों के कामकाज में तालमेल की कमी उजागर हुई। सक्सेना ने विभागीय अधिकारियों को प्रदूषण को कम करते हुए वायु की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए है। बैठक में वायु गुणवत्ता को सुधारने के लिए किए गए कार्यों की समीक्षा करते हुए विभागीय अधिकारियों को प्रदूषण नियंत्रण करने के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए गए। साथ ही नगरीय निकाय, विकास प्राधिकरण, परिवहन विभाग, औद्योगिक इकाइयां एवं पुलिस प्रशासन को आपस में समन्वय बनाकर प्रदूषण के स्तर में सुधार करने के निर्देश दिए गए है।
समीक्षा बैठक के दौरान प्रदूषण हॉटस्पॉट कम करने और नोएडा से नवंबर 2026 तक 1.85 लाख से अधिक पुराने वाहनों को बाहर करने की योजना पर चर्चा की गई। साथ ही दिल्ली के लिए बीएस—4 से नीचे वाहनों की आवाजाही पर रोक की भी जानकारी मंत्री को दी गई। साथ ही डीसीपी ट्रैफिक ने बताया कि एक नवम्बर से छह नवंबर 2025 तक 9719 प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी दी।




