ग्रेटर नोएडा में करंट हादसों पर लगेगा ब्रेक, NPCL की 4 टीमें होंगी एक्टिव !

नोएडा: बारिश के मौसम में ग्रेटर नोएडा में करंट लगने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इसी को देखते हुए एनपीसीएल (NPCL) ने एक अहम कदम उठाते हुए 4 विशेष टीमों का गठन किया है, जो पूरे क्षेत्र में बिजली नेटवर्क की निगरानी करेंगी।
जून में करंट से हुईं कई घटनाएं, दो की मौत
जून महीने में करंट लगने से दो लोगों की जान जा चुकी है, जबकि आधा दर्जन से ज्यादा लोग झुलस कर घायल हुए हैं। एनपीसीएल की ये टीमें ऐसे हादसों को रोकने के लिए जर्जर पोल, खुले पैनल बॉक्स और खराब ट्रांसफॉर्मरों की जांच करेंगी।
शहर और गांव दोनों क्षेत्रों में गश्त करेगी टीम
चारों टीमों को शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में बराबरी से तैनात किया गया है। ये टीमें नियमित गश्त करेंगी और जहां भी खतरा नजर आएगा, वहां तुरंत सुधार कार्य शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही हर हफ्ते जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।
लाउडस्पीकर से गांवों में दी जाएगी सतर्कता की जानकारी
ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को लाउडस्पीकर के माध्यम से बताया जाएगा कि बारिश के मौसम में खेतों या जलभराव वाली जगहों पर कैसे सावधानी बरतनी है। खेतों में पानी हो तो बिना जांच के न उतरें, और जरूरत पड़ने पर बिजली विभाग से संपर्क करें।
प्रत्येक टीम में होंगे 4 सदस्य, 2 टेक्नीशियन जरूरी
हर निगरानी टीम में 2 अनुभवी टेक्नीशियन होंगे, जो क्षेत्र का बारीकी से निरीक्षण करेंगे। वे बिजली के पैनल बॉक्स के पास जलभराव, खुले तार, रिसाव जैसे खतरों की पहचान करेंगे और तुरंत मरम्मत की व्यवस्था करेंगे।
खामी मिलने पर एरिया को किया जाएगा सील
यदि किसी क्षेत्र में गंभीर फॉल्ट मिलता है, तो वहां आम लोगों की आवाजाही पर अस्थायी रोक लगाई जाएगी। यह प्रतिबंध तब तक जारी रहेगा जब तक समस्या को पूरी तरह दुरुस्त नहीं कर दिया जाता।
एनपीसीएल के प्रवक्ता ने क्या कहा?
एनपीसीएल प्रवक्ता मनोज झा के अनुसार, “टीमें हर क्षेत्र में सक्रिय रूप से निगरानी करेंगी और खतरे के हर संकेत को तुरंत दूर किया जाएगा। हमारा उद्देश्य है — हर नागरिक को सुरक्षित बिजली व्यवस्था देना।”
फिलहाल एनपीसीएल ग्रेटर नोएडा के 100 से अधिक गांवों और पूरे शहरी क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति करता है।




