यूपी बजट में सरकार ने खोला महिलाओं के लिए धन का दरवाजा, मई तक मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का कार्य होगा पूरा
बालिकाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के अंतर्गत 400 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए छात्रावासों के निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपये तथा मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावास निर्माण योजना के लिए 35 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

बजट 2026-2027’ में महिला सशक्तिकरण को नई गति देते हुए महिला एवं बाल विकास के बजट में 11 प्रतिशत की वृद्धि का प्रस्ताव रखा गया है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि योगी सरकार ने महिलाओं की आर्थिक, सामाजिक और वित्तीय भागीदारी को नई ऊंचाई देने का लक्ष्य तय किया है। महिला एवं बाल विकास संबंधी योजनाओं के लिए लगभग 18,620 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई।
बालिकाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के अंतर्गत 400 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए छात्रावासों के निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपये तथा मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावास निर्माण योजना के लिए 35 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
जरूरतमंद बच्चों के संरक्षण के लिए उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के लिए 252 करोड़ रुपये तथा मुख्यमंत्री बाल आश्रय योजना के अंतर्गत भवन निर्माण के लिए 80 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त अनुपूरक पुष्टाहार कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश में लगभग 1 करोड़ 57 लाख लाभार्थियों को पोषण सहायता दी जा रही है।
कामकाजी महिलाओं के लिए प्रत्येक जनपद स्तर पर श्रमजीवी महिला छात्रावास के निर्माण के लिए भी बजट में धनराशि सुनिश्चित की गई है। बजट में युवाओं के लिए एक ऐतिहासिक घोषणा करते हुए वन डिस्ट्रिक्ट, वन कमिश्नरी, वन डिविजनल हेड क्वार्टर, वन स्पोटर्स कॉलेज की परिकल्पना रखी गई है। प्रदेश के 18 कमिश्नरी मुख्यालयों पर एक-एक स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना की जाएगी।मेरठ में मेजर ध्यानचंद के नाम पर बन रही स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी अप्रैल-मई तक पूरी हो जाएगी, जहां शैक्षणिक सत्र पहले से प्रारंभ हो चुके हैं। वर्ष 2030 अहमदाबाद कॉमनवेल्थ गेम्स और 2036 ओलंपिक में भारत की प्रस्तावित दावेदारी को ध्यान में रखते हुए इन स्पोर्ट्स कॉलेजों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा।
2024-25 में प्रदेश के धार्मिक, हेरिटेज, इको और एडवेंचर टूरिज्म स्थलों पर 122 करोड़ पर्यटकों ने यात्रा की। बजट में पीपीपी मोड पर 1 लाख अतिरिक्त होटल रूम जोड़ने और 50,000 नए होम-स्टे विकसित करने का प्रावधान किया गया है। साथ ही महिला गाइडों के लिए 10,000 रुपये का लाइसेंस शुल्क माफ कर उन्हें रोजगार से जोड़ने का निर्णय लिया गया है।




