वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारत के खिलाड़ियों ने मारी बाजी, सामाजिक तानों के बावजूद दो बेटियों ने हासिल किया मुकाम
सोमवार को सुमित (75 किग्रा) का सामना कोरिया के किम ह्योन-ताए से होगा, जो एक कुशल हैं। 90 किग्रा के क्वार्टर फाइनल में नवीन कुमार का सामना कज़ाकिस्तान के दिग्गज तंगातर बेकज़ात से होगा।

ग्रेटर नोएडा के शहीद विजय सिंह पथिक स्पोटर्स कॉम्प्लेक्स में रविवार को वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप की शुरूआत हो गई है। भारत की तरफ से मीनाक्षी, प्रीति, अंकुश फंगल और नरेंद्र बेरवाल ने शानदार शुरुआत की। क्वार्टर फाइनल में अपने प्रतिद्धंदी को हराते हुए सेमीफाइनल में जगह पक्की कर ली है।
विश्व चैंपियनशिप लिवरपूल 2025 की स्वर्ण पदक विजेता मीनाक्षी (48 किग्रा) ने कज़ाकिस्तान की बोल्ट अकबोटा को हराया है। प्रीति (54 किग्रा) ने भी अपने तेज़ पैरों और तीखे कॉम्बो का इस्तेमाल करते हुए उज्बेकिस्तान की पूर्व युवा विश्व चैंपियन निगिना उक्तामोवा को पूरी तरह से आक्रामक प्रदर्शन करते हुए चित कर दिया। वहीं, अंकुश फंगल (80 किग्रा) ने शुरुआती दबाव को झेलते हुए जापान के गो वाकाया को कड़ी टक्कर देते हुए एकतरफा जीत हासिल की। 90+ किग्रा वर्ग में नरेंद्र बेरवाल ने यूक्रेन के एंड्री खालेत्स्की पर 4—1 से हराया है।
सोमवार को सुमित (75 किग्रा) का सामना कोरिया के किम ह्योन-ताए से होगा, जो एक कुशल हैं। 90 किग्रा के क्वार्टर फाइनल में नवीन कुमार का सामना कज़ाकिस्तान के दिग्गज तंगातर बेकज़ात से होगा।
संघर्ष से भरी है इनकी कहानी
हरियाणा की प्रीति पंवार और मीनाक्षी हुड्डा ने सेमीफाइनल का टिकट पक्का कर लिया है। वहीं, प्रीति की कहानी भी सामाजिक तानों से भरी हुई है। उन्हें परिवार का सहयोग तो मिला, लेकिन आसपास के लोगों के बॉक्सिंग सीखाने पर ताने झेलने पड़े है। लेकिन वह हर मुश्किल को नजरअंदाज करती गई। मीनाक्षी ने गरीबी, सामाजिक तानों और हर दबाव को झेलते हुए हुए करियर में नया मुकाम हासिल किया है। 24 साल की मीनाक्षी विश्व चैंपियनशिप लिवरपूल 2025 की स्वर्ण पदक विजेता है। पिता आटो ड्राईवर है।



