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ज्योति शर्मा आत्महत्या केस: शारदा यूनिवर्सिटी घिरी सवालों में, जांच कमेटी गठित

नोएडा: शारदा यूनिवर्सिटी की बीडीएस की छात्रा ज्योति शर्मा द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना ने गहरा तूल पकड़ लिया है।

इस दुखद घटना के बाद सामाजिक संगठनों और फेडरेशन ऑफ आरडब्ल्यूए, अधिवक्ताओं सहित कई संस्थाओं ने नाराजगी जताई और जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।

कैंडल मार्च से पहले छात्र नेता हिरासत में

घटना के विरोध में समाजवादी छात्र सभा ने कैंडल मार्च का ऐलान किया, लेकिन पुलिस ने एहतियातन छात्र सभा के जिलाध्यक्ष मोहित नागर को हिरासत में ले लिया। आशंका जताई गई कि कैंडल मार्च के दौरान शांति भंग हो सकती है। विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

परीक्षाएं स्थगित, विश्वविद्यालय में सन्नाटा

इस घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने दो दिन की परीक्षा स्थगित कर दी है। इससे कैंपस में छात्रों की गतिविधियाँ सीमित हो गई हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय ने मीडिया के प्रवेश पर भी रोक लगा दी है।

शोक सभा में श्रद्धांजलि, कुलपति ने जताई संवेदना

ज्योति शर्मा की आत्मा की शांति के लिए विश्वविद्यालय में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई, जिसमें डीन, एचओडी, फैकल्टी और छात्रों ने दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। विश्वविद्यालय के चांसलर पीके गुप्ता ने छात्रा के परिवार के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि शिक्षक-छात्र का रिश्ता ऐसा होना चाहिए, जिसमें छात्र खुलकर अपनी बात रख सकें।

जांच कमेटी गठित, रिपोर्ट पांच दिन में

विश्वविद्यालय ने कुलपति की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित की है, जिसे पांच दिन के भीतर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल पुलिस, विश्वविद्यालय की आंतरिक जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।

प्रशासनिक स्तर पर निष्पक्ष जांच की मांग

फेडरेशन ऑफ आरडब्ल्यूए ने जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा से मुलाकात कर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों पर अनैतिक दबाव बनाता है और निष्पक्ष जांच के लिए प्रशासनिक समिति बनाने की मांग की। इसमें सेवानिवृत्त आईएएस/पीसीएस, न्यायिक अधिकारी, शिक्षाविद और सामाजिक प्रतिनिधियों को शामिल करने की बात कही गई।

अधिवक्ताओं का विरोध, पीड़ित परिवार के साथ मारपीट की निंदा

अधिवक्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने भी जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए घटना पर आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि छात्रा की मौत के बाद परिसर में विरोध कर रहे छात्रों और पीड़ित परिवार के साथ मारपीट की घटना निंदनीय है, और इसके लिए जिम्मेदारों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।

Divya Gupta

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