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जानिए कौन है सुंदर भाटी? जिसे न्यायालय ने नौ साथियों समेत सुनाई 9-9 साल की सजा

पूर्वांचल की कई चर्चित हत्याओं में भी इस गिरोह का नाम सामने आया। प्रयागराज में पुलिस अभिरक्षा में अतीक अहमद और अशरफ की हत्या में भी भाटी का नाम उछला था। चर्चा थी कि हथियार उसकी ओर से पहुंचाए गए, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी।

पश्चिम से लेकर पूर्वांचल तक कुख्यात रहे सुंदर भाटी समेत दस को सूरजपुर स्थित जिला न्यायालय ने सोमवार को 9—9 साल की सजा सुनाई है। सभी दोषियों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना न जमा करने पर दो-दो महीने अतिरिक्त जेल काटनी होगी। पश्चिमी यूपी में ट्रांसपोर्ट के वर्चस्व को लेकर अपराध की दुनिया में कदम रखने वाले सुंदर भाटी का नाम पूर्वांचल के अतीक और अशरफ की पुलिस कस्टडी में हत्या से भी जुड़ा था।

सुंदर भाटी, विकास पंडित, सिंहराज, योगेश, ऋषिपाल, सोनू, बॉबी उर्फ शेरसिंह, यतेंद्र चौधरी, दिनेश भाटी और अनूप को सजा सुनाई गई है। सिंहराज और ऋषिपाल को छोड़कर बाकी आठ दोषी अपनी घोषित सजा से अधिक अवधि जेल में बिताने के कारण रिहा कर दिए गए, जबकि सिंहराज और ऋषिपाल को शेष सजा पूरी करने के जेल भेजा गया है। नियाना गांव में दादूपुर के ग्राम प्रधान और सपा नेता हरेंद्र नागर और उसके गनर भूदेव की हत्या कर दी गई थी। जवाबी कार्रवाई के दौरान भूदेव की गोली लगने से एक बदमाश जतिन खत्री ढेर हो गया था।

सुंदर भाटी और हरेंद्र नागर बीच सरिया, कंपनी के स्क्रैप और पानी की सप्लाई के विवाद को लेकर आपस में रंजिश चल रही थी। वर्चस्व को कायम रखने के लिए सुपारी देकर सुंदर भाटी पर हरेंद्र की हत्या कराने का आरोप लगा था। इस मामले में सुंदर भाटी समेत 13 के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। बाद में उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। हरेंद्र और गनर भूदेव की हत्या में सुंदर भाटी समेत 12 को न्यायालय उम्रकैद की सजा सुना चुकी है। वहीं, इसी मामले में अक्तूबर 2024 से सुंदर भाटी जमानत पर जेल से बाहर है और दिल्ली में रह रहा है।

अपराध की दुनिया में सुंदर भाटी का नाम पश्चिमी यूपी में बीते तीस साल से लिया जा रहा है। बुलंदशहर में ट्रांसपोर्ट के वर्चस्व को लेकर हत्या, रंगदारी वसूलने और राजनीति में भी सक्रिय रहा है। इसपर जिला पंचायत चेयरमैन नरेश भाटी की हत्या का भी आरोप है।

 

Aashish Gupta

आशीष गुप्ता ने जागरण इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता का डिप्लोमा किया है और राजनीतिक विज्ञान में MA करने के बाद वह राष्ट्रीय सहारा, दैनिक जागरण जैसे देश के प्रमुख समाचार संस्थानों में कार्यरत रहे। 2015 में पीआर कंपनी मेक यू बिग मीडिया प्राइवेट की स्थापना करने के बाद 2021 में फ़ेडरल भारत की शुरुआत की।

Aashish Gupta

आशीष गुप्ता ने जागरण इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता का डिप्लोमा किया है और राजनीतिक विज्ञान में MA करने के बाद वह राष्ट्रीय सहारा, दैनिक जागरण जैसे देश के प्रमुख समाचार संस्थानों में कार्यरत रहे। 2015 में पीआर कंपनी मेक यू बिग मीडिया प्राइवेट की स्थापना करने के बाद 2021 में फ़ेडरल भारत की शुरुआत की।

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