Noida: ग्रेटर नोएडा के शर्मा अस्पताल में बुजुर्ग महिला की सफल लैप्रोस्कोपिक सर्जरी, निकाली गई एक हजार से अधिक पथरी
अस्पताल के अनुसार, मरीज लंबे समय से पित्ताशय में पथरी की गंभीर समस्या से परेशान थीं। जांच और आवश्यक चिकित्सकीय मूल्यांकन के बाद मरीज के लिए लैप्रोस्कोपिक सर्जरी का निर्णय लिया गया।

ग्रेटर नोएडा स्थित मेडिकेयर अस्पताल में चिकित्सा क्षेत्र में एक उल्लेखनीय सर्जिकल उपलब्धि सामने आई है। अस्पताल की सर्जिकल टीम ने पित्ताशय की पथरी की गंभीर समस्या से जूझ रही एक बुजुर्ग महिला मरीज की लैप्रोस्कोपिक सर्जरी सफलतापूर्वक की। सर्जरी के दौरान पित्ताशय की थैली के साथ 1,000 से अधिक पित्त पथरी निकाले जाने की जानकारी सामने आई है।
अस्पताल के अनुसार, मरीज लंबे समय से पित्ताशय में पथरी की गंभीर समस्या से परेशान थीं। जांच और आवश्यक चिकित्सकीय मूल्यांकन के बाद मरीज के लिए लैप्रोस्कोपिक सर्जरी का निर्णय लिया गया। चुनौतीपूर्ण स्थिति के बावजूद अनुभवी सर्जिकल टीम ने आधुनिक तकनीक के माध्यम से ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरा किया।
इस सर्जिकल प्रक्रिया का नेतृत्व डॉ. शशांक राय ने किया। लैप्रोस्कोपिक तकनीक के माध्यम से पित्ताशय की थैली को पथरी समेत हटाया गया। सर्जरी के दौरान बड़ी संख्या में पित्त पथरी पाए जाने के कारण यह मामला चिकित्सकीय दृष्टि से विशेष माना जा रहा है।
चिकित्सकीय मामलों में पित्ताशय की पथरी एक सामान्य समस्या हो सकती है, लेकिन जब पथरी की संख्या काफी अधिक हो और मरीज की उम्र अधिक हो, तो सर्जरी के दौरान अतिरिक्त सावधानी और विशेषज्ञता की आवश्यकता होती है। ऐसे मामलों में समय पर जांच, सही चिकित्सकीय निर्णय और अनुभवी सर्जिकल टीम की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।
अस्पताल की ओर से बताया गया कि इस मामले में मरीज की स्थिति का आवश्यक मूल्यांकन करने के बाद उपचार की रणनीति तय की गई। आधुनिक लैप्रोस्कोपिक तकनीक के इस्तेमाल से सर्जरी को प्रभावी तरीके से पूरा किया गया।
इस सफल सर्जरी के बाद डॉ. शशांक राय और पूरी सर्जिकल टीम को बधाई दी गई। अस्पताल प्रबंधन ने टीम के समर्पित प्रयासों और मरीज की देखभाल के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना की।
यह मामला एक बार फिर रेखांकित करता है कि पित्ताशय से जुड़ी गंभीर समस्याओं में समय पर चिकित्सकीय परामर्श और उचित जांच महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह के आधार पर उपचार का विकल्प तय किया जाना चाहिए।
मेडिकेयर अस्पताल की इस सर्जिकल उपलब्धि को अस्पताल की चिकित्सा सेवाओं और विशेषज्ञ सर्जिकल टीम की कार्यक्षमता से जोड़कर देखा जा रहा है। मरीज की स्थिति और सर्जरी से संबंधित अन्य चिकित्सकीय विवरण अस्पताल की ओर से उपलब्ध कराए जाने पर इस मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।




