×
उत्तर प्रदेशगौतम बुद्ध नगरग्रेटर नोएडाधर्म-कर्मधर्म-कर्मनोएडानोएडा वेस्टराज्य

बुधवार के चमत्कारी उपाय : गणेश चालीसा से बढ़ाएं कारोबार और दूर करें संकट !

बुधवार का दिन भगवान गणेश को समर्पित होता है। अगर इस दिन सही उपाय किए जाएं, तो व्यापार में तरक्की होती है और जीवन की समस्याएँ दूर होती हैं। आइए जानते हैं कुछ खास उपाय, जिनसे आपका कारोबार चमकेगा और हर संकट दूर होगा।

बुधवार के दिन सुबह स्नान कर, गणपति जी के सामने घी का दीपक जलाएं और श्रद्धा से गणेश चालीसा का पाठ करें। इससे व्यापार में बढ़ोतरी होगी और हर तरह के विघ्न दूर होंगे।

बुधवार के दिन हरे रंग के वस्त्र पहनें और हरी मूंग दान करें। ऐसा करने से नौकरी और बिजनेस में उन्नति होती है।

भगवान गणेश को दूर्वा चढ़ाने से भी धन और व्यापार में बढ़ोतरी होती है। दूर्वा गणेश जी को अतिप्रिय है और इसे चढ़ाने से विघ्नों का नाश होता है।

अगर बुध ग्रह अशुभ फल दे रहा हो, तो बुधवार को गाय को हरी घास खिलाएं और गणपति जी की पूजा करें। इससे बुध ग्रह मजबूत होता है और आपकी आर्थिक स्थिति बेहतर होती है। इस बुधवार ये सरल उपाय अपनाकर अपने जीवन में सुख-समृद्धि और सफलता का आशीर्वाद पाइए।

अगर आप गणपति बप्पा का आशीर्वाद प्राप्त करना चाहते हैं, तो विधिपूर्वक गणेश चालीसा का पाठ करें। इसका पाठ करने से सभी कार्यों में सफलता मिलती है और बुध दोष से छुटकारा मिलता है। साथ ही कारोबार में तरक्की देखने को मिलती है।

गणेश चालीसा

दोहा

जय गणपति सदगुण सदन, कविवर बदन कृपाल

विघ्न हरण मंगल करण, जय जय गिरिजालाल॥

चौपाई

जय जय जय गणपति गणराजू।

मंगल भरण करण शुभः काजू॥

जै गजबदन सदन सुखदाता।

विश्व विनायका बुद्धि विधाता॥

वक्र तुण्ड शुची शुण्ड सुहावना।

तिलक त्रिपुण्ड भाल मन भावन॥

राजत मणि मुक्तन उर माला।

स्वर्ण मुकुट शिर नयन विशाला॥

पुस्तक पाणि कुठार त्रिशूलं।

मोदक भोग सुगन्धित फूलं॥

सुन्दर पीताम्बर तन साजित।

चरण पादुका मुनि मन राजित॥

धनि शिव सुवन षडानन भ्राता।

गौरी लालन विश्व-विख्याता॥

ऋद्धि-सिद्धि तव चंवर सुधारे।

मुषक वाहन सोहत द्वारे॥

कहौ जन्म शुभ कथा तुम्हारी।

अति शुची पावन मंगलकारी॥

एक समय गिरिराज कुमारी।

पुत्र हेतु तप कीन्हा भारी॥

भयो यज्ञ जब पूर्ण अनूपा।

तब पहुंच्यो तुम धरी द्विज रूपा॥

अतिथि जानी के गौरी सुखारी।

बहुविधि सेवा करी तुम्हारी॥

अति प्रसन्न

हवै तुम वर दीन्हा।

मातु पुत्र हित जो तप कीन्हा॥

 

Divya Gupta

Tags

Related Articles

Back to top button
Close