नई दवा वितरण व्यवस्था से पूर्व सैनिकों की बढ़ी परेशानी, पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग

नोएडा: पूर्व सैनिकों के लिए बनी एक्स-सर्विसमेन कॉन्ट्रिब्यूटरी हेल्थ स्कीम (ECHS) की नई दवा वितरण व्यवस्था ने हजारों पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों की समस्याएं बढ़ा दी हैं।
पहली व्यवस्था
पहले जब ECHS डिस्पेंसरी के डॉक्टर दवा लिखते थे और डिस्पेंसरी में वह दवा उपलब्ध नहीं होती थी, तो पूर्व सैनिक उसे बाजार से खरीदकर क्लेम कर लेते थे। इससे उन्हें तत्काल दवा मिल जाती थी और इलाज में बाधा नहीं आती थी।
नई व्यवस्था (1 सितंबर 2025 से लागू)
अब नियम बदल गया है। जो दवा डिस्पेंसरी में उपलब्ध नहीं होती, उसे अब ECHS ही खरीदकर देगा। इस प्रक्रिया में कई दिन लग जाते हैं। दवा आने का समय स्पष्ट नहीं बताया जाता, जिसके चलते पूर्व सैनिक और उनके परिजन बार-बार फोन करते हैं और कई-कई बार डिस्पेंसरी का चक्कर लगाने को मजबूर होते हैं।
नोएडा के सेक्टर 21, 25, 29, 37 तथा ग्रेटर नोएडा के अनेक सेक्टरों में रहने वाले पूर्व सैनिक इस नई व्यवस्था से अत्यधिक असंतोष व्यक्त कर रहे हैं। कई लोग एक-एक दवा के लिए कई बार दूर-दराज़ से डिस्पेंसरी आने को मजबूर हैं।
पूर्व सैनिकों की अपील
पूर्व सैनिकों ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और रक्षा मंत्रालय से अपील की है कि पूर्व की व्यवस्था, जिसमें तत्काल दवा उपलब्ध कराई जा सकती थी, उसे फिर से बहाल किया जाए ताकि देश की सेवा कर चुके सैनिकों और उनके परिवारों को राहत मिल सके।




