निक्की हत्याकांड में नया मोड़ : अस्पताल मेमो में सिलिंडर ब्लास्ट का जिक्र, लेकिन जांच में सामने आए अलग तथ्य

ग्रेटर नोएडा – सिरसा गांव की बहुचर्चित निक्की हत्याकांड की जांच में पुलिस को एक नया एंगल मिला है। जिस दिन घटना हुई (21 अगस्त), उस दिन फोर्टिस अस्पताल की ओर से जारी मेमो में स्पष्ट तौर पर लिखा गया था कि पीड़िता सिलिंडर फटने से झुलसी है। इतना ही नहीं, रास्ते में निक्की ने अपने परिजनों और डॉक्टर को भी यही बात बताई थी।
हालांकि, पुलिस जांच में अब तक सिलिंडर ब्लास्ट की पुष्टि नहीं हुई है। आरोपी के घर से विस्फोटक सिलिंडर का कोई सबूत नहीं मिला, बल्कि मौके से ज्वलनशील थिनर बरामद हुआ है। यही वजह है कि अब अस्पताल के डॉक्टर्स और स्टाफ के बयान दर्ज किए जाएंगे।
निक्की के देवर और पड़ोसी देवेंद्र का कहना है कि उन्होंने खुद निक्की को यह कहते सुना था कि “सिलिंडर फट गया है।” वहीं, घटना के बाद आरोपी पति विपिन और उसके परिजन तुरंत उसे अस्पताल ले गए।
दूसरी ओर, निक्की की बहन कंचन ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि पति विपिन और सास दया ने मिलकर निक्की को जलाया। उसने यह भी दावा किया कि उसने घटना का वीडियो बनाया है, जिसमें आग लगाने की पूरी घटना कैद है।
पुलिस जांच के मुख्य बिंदु
- अस्पताल मेमो में सिलिंडर ब्लास्ट का जिक्र, पर मौके पर सिलिंडर फटने के सबूत नहीं।
- घटनास्थल से ज्वलनशील थिनर बरामद।
- आरोपी पति, सास और जेठ न्यायिक हिरासत में।
- सीसीटीवी फुटेज और अस्पताल रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।
इस मामले में परिजनों का आरोप है कि निक्की को लगातार 35 लाख रुपये दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित किया जा रहा था। वहीं, पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों और बयानों का मिलान कर सच सामने लाया जाएगा।



