Noida: कोहरा की दस्तक के बीच प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी, दी गई ये जरूरी सलाह
जिला आपदा विशेषज्ञ ओमकार चतुर्वेदी ने सर्दी एवं कोहरा के दौरान ड्राइविंग की सेफ्टी से जुड़ी अहम जानकारी साझा की है। सर्दी का मौसम शुरू हो गया और हल्का कोहरा भी पड़ने लगा है।

सर्दी ने दस्तक दे दी है। पिछले कुछ दिनों से कोहरा की हल्की चादर भी चढ़ने लगी है। सर्दी में कोहरा को देखते हुए सड़क सुरक्षा के लेकर जिला प्रशासन ने बड़ी एडवाइजरी जारी की है। सर्दी में वाहन चलाते समय सुरक्षा बरतने की सख्त हिदायत दी गई है। ताकि कोहरा या धुंध की वजह से सड़क घटनाओं से बचा जा सके।
जिला आपदा विशेषज्ञ ओमकार चतुर्वेदी ने सर्दी एवं कोहरा के दौरान ड्राइविंग की सेफ्टी से जुड़ी अहम जानकारी साझा की है। सर्दी का मौसम शुरू हो गया और हल्का कोहरा भी पड़ने लगा है। ऐसे में सड़क सुरक्षा उपायों को अपनाया जाना जरुरी है। वाहन चालकों को सुरक्षा के टिप्स देते हुए कहा कि गाड़ी के फॉग लैम्प सही रखें। यदि आपकी गाड़ी के फॉग लैम्प काम नहीं कर रहे हैं तब उन्हें सही करवा लें। कार में फॉग लैम्प नहीं हैं तो उसे फिक्स करवा लेना चाहिए। सर्दी के मौसम में जब धुंध होती है तब फॉग लैम्प बेहद कामगर साबित होते हैं।
सर्दी के मौसम में जब फॉग होता है या फिर ओस गिरती है, तब वाइपर विंडशील्ड को साफ करने का काम करते हैं। सर्दी के मौसम में डिफॉगर का इस्तेमाल भी अत्यधिक कारगर सिद्ध होता है। धुंध ज्यादा है तो कार में लगे डीफॉगर का इस्तेमाल करना चाहिए। कई बार रियर ग्लास पर मॉयश्चर आ जाता है, ऐसे में डीफॉगर की मदद से उसे जल्दी साफ कर सकते हैं। डीफॉगर ग्लास पर हीट जनरेट करता है, जिससे मॉयश्चर खत्म हो जाता है।
टायरों में हवा का प्रेशर अधिक नहीं होना चाहिए। सर्दी के मौसम में टायर का प्रेशर का सही रहना काफी जरूरी हो जाता है। ठंड में ज्यादा नमी की वजह से सड़कें पूरी तरह सूखी नहीं होती। ऐसे में गाड़ी की स्पीड ज्यादा है और अचानक से ब्रेक लगाने पड़े तब कार के स्किड होना का खतरा रहता है। सर्दी में टायरों की रबर थोड़ी सिकुड़ जाती है। सर्दी में इमरजेंसी इंडिकेटर के इस्तेमाल से बचना चाहिए। नुकसान यह होता है कि गाड़ी मोड़ते वक्त इंडिकेटर का इस्तेमाल नहीं हो पाता है। ऐसे में हादसा होने का खतरा बढ़ जाता है।



