Noida: श्रीनगर थाने में मुकदमा दर्ज होते हुए साइबर ठगी के नोएडा से जुड़े तार, बैटिंग ऐप के जरिए करोड़ों के घपले में गिरफ्तार
श्रीनगर साइबर थाने में दर्ज एक मुकदमे के बाद जब जांच शुरू हुई, तो तार नोएडा के इस अवैध कॉल सेंटर से जुड़े मिले।

नोएडा पुलिस को साइबर अपराध के खिलाफ चल रही मुहिम में उस समय एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। थाना फेस-1 पुलिस ने एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो भारत में प्रतिबंधित 1XBET ऑनलाइन बैटिंग ऐप के नाम पर कॉल सेंटर चलाकर देश भर के लोगों से करोड़ों की ठगी कर रहा था।
श्रीनगर साइबर थाने में दर्ज एक मुकदमे के बाद जब जांच शुरू हुई, तो तार नोएडा के इस अवैध कॉल सेंटर से जुड़े मिले। केन्द्रीय गृह मंत्रालय के (Indian Cyber Crime Coordination Centre) से मिले इनपुट के आधार पर पुलिस ने सेक्टर-1 स्थित MIR PEGASIS CONNECT कंपनी के दफ्तर पर छापा मारा। पुलिस ने मुख्य आरोपी अनूप श्रेष्ठ को गिरफ्तार किया है, जो मूल रूप से नेपाल का रहने वाला है।
साइबर ठग अनूप श्रेष्ठ की कहानी किसी फिल्म जैसी है। वह 2022 में मास्को (रूस) गया था, जहां उसने 1XBET कंपनी के मुख्यालय में ढाई साल तक काम किया। वहां से ‘लीजा’ नाम की एक रसियन अधिकारी ने उसे भारत में नेटवर्क फैलाने के लिए भेजा। जून 2025 में भारत लौटने के बाद वह दिल्ली-नोएडा से इस काले कारोबार को संचालित कर रहा था। जांच में पता चला है कि यह गिरोह भारत में प्रतिबंधित बैटिंग ऐप के जरिए लोगों को जुआ खेलने के लिए उकसाता था। आरोपी ‘मनी लॉन्ड्रिंग’ और ‘म्यूल अकाउंट्स’ का इस्तेमाल कर करोड़ों रुपयों का हेरफेर कर रहे थे।
साइबर ठग के पास से पुलिस ने अपराध में प्रयुक्त भारी मात्रा में डिजिटल उपकरण बरामद किए हैं, जिनमें एक हाई-टेक सर्वर और चार कंप्यूटर सीपीयू, तीन इंटरनेट राउटर और दस PNT फोन, खास तौर पर तैयार अंग्रेजी और रसियन भाषा का की-बोर्ड, ठगी से जुड़े डेटा वाला मोबाइल फोन शामिल है. नोएडा पुलिस अब कंपनी के मालिकों और उन बैंक खातों की तलाश कर रही है जिनमें ठगी की रकम भेजी गई थी। पुलिस का दावा है कि इस सर्वर की जांच से देश भर में हुए कई बड़े साइबर फ्रॉड के राज खुलेंगे।




