Noida: जेवर एयरपोर्ट के पास नो फ्लाइंग जोन में ड्रोन उड़ाने और लेजर लाइट पर लगी रोक, बैठक में लिया गया निर्णय
बैठक में जिलाधिकारी ने अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, डीडीएमए, यमुना विकास प्राधिकरण, एपीएचओ आदि संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा की।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्द्याटन की सुगबुहाट के बीच मंगलवार को अधिकारियों ने एक बैठक की, जिसमें एयरपोर्ट के सभागार में हवाई अड्डे के लिए एयरपोर्ट इमरजेंसी प्लानिंग कमेटी (AEPC) व एयरपोर्ट पर्यावरण प्रबंधन समिति(AEMC) के अधिकारी मौजूद रहे। पावर प्रजेंटेशन के जरिए हवाई अड्डे की आपातकालीन तैयारियों, संरचित समन्वय व्यवस्था और आधुनिक आधारभूत संरचना पर चर्चा की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, डीडीएमए, यमुना विकास प्राधिकरण, एपीएचओ आदि संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा की। नोएडा एयरपोर्ट हवाई अड्डा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रिस्टोफ श्नेलमैन द्वारा समिति के प्रमुख बिंदुओं से जिलाधिकारी को अवगत कराया गया। नागरिक उड्डयन मंत्रालय की आपदा प्रबंधन योजना एवं DGCA की गठित समिति ने हवाई अड्डे की आपातकालीन तैयारियों की समीक्षा की।
इस दौरान एयरपोर्ट की आपातकालीन सेवाओं को भी देखा गया। स्वास्थ्य एवं मेडिकल सेवाओं के विषय में सामूहिक दुर्घटनाओं और आपदाओं से निपटने के लिए स्थानीय चिकित्सालयों, एम्बुलेंस सेवाओं तथा हवाई अड्डा स्वास्थ्य अधिकारियों के मध्य समन्वय को और सुदृढ़ बनाने पर विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने बैठक में अभी तक आयोजित विभिन्न मॉक ड्रिल एवं आपातकालीन अभ्यासों की भी समीक्षा की। साथ ही निर्देश दिए है कि आपातकालीन परस्थितियों से निपटने के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाए।
पुलिस विभाग की समीक्षा के दौरान स्पष्ट निर्देश दिए कि नो फ्लाइंग जोन में ड्रोन उड़ाने की अनुमति नहीं होगी। एयरपोर्ट की परिधि के 18 किलोमीटर की दूरी तक लेजर लाइट का संचालन प्रतिबंधित रहेगा। यमुना विकास प्राधिकरण की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए गया है कि निर्धारित कलर कोड के अनुरूप भवनों की ऊंचाई का प्रस्ताव अपनी बोर्ड बैठक से अनुमोदित कराए, अनुमोदन प्राप्त कर ही भवन निर्माण सुनिश्चित कराया जाए, जिससे हवाई अड्डा क्षेत्र की सुरक्षा एवं मानक व्यवस्थित रूप से बनाए रखे जा सके।



