Noida: ईरान—इजरायल युद्ध के बीच नहीं होगी गैस सिलेंडर की सप्लाई! नोएडा में कालाबाजारी पर सख्त एक्शन शुरू
ईरान द्वारा कई खाड़ी देशों पर अमेरिकी सेना के बेस पर मिसाइल दागी जा रही हैं। इसका असर देशों में परस्पर होने वाले व्यापार पर भी पड़ रहा है। समुद्र में युद्ध होने से मालवाहक जहाज की आवाजाही प्रभावित हुई है। भारत में पेट्रोलियम पदार्थ रूस और खाड़ी देशों से आते हैं।

ईरान—इजरायल युद्ध का असर सिलेंडर व अन्य पेट्रोलियम उत्पादों पर पड़ने लगा है। जिले में कमर्शियल सिलेंडर की डिलीवरी रोक दी गई है। गैस एजेंसी संचालकों की तरफ से उपभोक्ताओं को कम सिलेंडर की आपूर्ति हो रही है। ज्यादा खपत वाले परिवारों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि अभी जिले में गैस एजेंसियों पर लाइन लगने वाली नौबत नहीं आई है।
ईरान द्वारा कई खाड़ी देशों पर अमेरिकी सेना के बेस पर मिसाइल दागी जा रही हैं। इसका असर देशों में परस्पर होने वाले व्यापार पर भी पड़ रहा है। समुद्र में युद्ध होने से मालवाहक जहाज की आवाजाही प्रभावित हुई है। भारत में पेट्रोलियम पदार्थ रूस और खाड़ी देशों से आते हैं। किल्लत के बीच घरेलू गैस सिलेंडर की कालाबाजारी में भी इजाफा हो रहा है। लोगों की माने तो ब्लैक में 1200 से लेकर 1500 तक बेचा जा रहा है, जोकि समान्य दिनों में 1050 तक मिल जाया करता था। वहीं, गैस की कमी के बीच एजेंसी संचालक ने बिना ओटीपी के सिलेंडर नहीं दे रहे है। गैस सिलेंडर बुकिंग करने के बाद एक ओटीपी आता है। आमदिनों में बुकिंग होने पर ही उपभोक्ताओं को सिलेंडर मुहैया करा दिया जाता था।
ईरान और अमेरिका-इजरायल युद्ध के बीच गैस की किल्लत को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने अहम कदम उठाया है। सरकार ने कंपनियों में कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई पर रोक लगा दी है। जिसके बाद जिला प्रशासन ने इस संबंध में दिशा—निर्देश जारी कर दिए है। इसके अलावा अब अस्पतालों और कॉलेज संचालकों को सिलेंडर की सप्लाई से पहले एक ईमेल भेजना होगा। उसकी जांच के बाद कमर्शियल गैस सिलेंडर दिए जाएंगे। जिला आपूर्ति अधिकारी प्रभारी स्मृति गौतम ने बताया कि गैस और पेट्रोल की कालाबाजारी रोकने के लिए चार टीमें गठित की गई है। यह गैस और पेट्रोल व डीजल के स्टाक को चेक करेगी। माना जा रहा है कि कही दामों में इजाफा होने तक पेट्रोल और गैस एजेंसी संचालक स्टाक न कर लें।



