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Noida: कारतूस सप्लाई का बड़ा नेटवर्क ध्वस्त, मथुरा की लाईसेंसी हथियार की दुकान से खेला जा रहा था खेल

ग्रेटर नोएडा डीसीपी साद मियां खान ने बताया कि बुढिया गोल चक्कर के पास हथियार तस्करों के आने की सूचना मिली थी। सूचना के आधर पर पुलिस की एक टीम वहां अलर्ट हो गई।

दनकौर कोतवाली पुलिस ने एनसीआर में हथियार और कारतूस बेचने वाले गिरोह का खुलासा किया है। यह गिरोह मथुरा की एक लाईसेंसी हथियार बेचने वाली दुकान से कारतूस खरीदा करता था और उन्हें बेचकर अवैध धन अर्जित करता था। साथ ही उसी दुकान संचालक के माध्यम से ही पिस्टल और तमंचा की खरीद—फरोख्त की जा रही थी। पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफतार करते हुए उनके कब्जे से तीन पिस्टल, तीन तमंचा, 166 कारतूस, 50 हजार रुपये नगद और दो कार बरामद की है।

ग्रेटर नोएडा डीसीपी साद मियां खान ने बताया कि बुढिया गोल चक्कर के पास हथियार तस्करों के आने की सूचना मिली थी। सूचना के आधर पर पुलिस की एक टीम वहां अलर्ट हो गई। पुलिस ने उनके कब्जे से हथियार और दो कारें बरामद की है। यह गिरोह मथुरा से लाईसेंसी हथियार और कारतूस खरीदता था। उसके बाद एनसीआर में बेच दिया करता था। पुलिस ने आरोपियों की पहचान कैमराला चक्रसेनपुर निवासी गजेंद्र उर्फ गजे पुत्र हरवीर, सलेमपुर गुर्जर निवासी सुमित कुमार उर्फ गुंडा पुत्र रामबल भाटी, कामबक्शपुर निवासी सागर भाटी पुत्र श्यमावीर, दनकौर के लंबा गलियारा ​कस्बा निवासी हर्ष सिंघल पुत्र स्वर्गीय सूरज सिंघल और सेक्टर पाई—1 की अंबे भारती सोसाइटी निवासी निखिल भाटी पुत्र श्यामवीर के रुप में की है।

गिरोह के सदस्य करीब पांच माह से अवैध हथियार और कारतूस बेचने के धंधे में लिप्त थे। यह गिरोह मथुरा निवासी बंटी से हथियार और कारतूस खरीदता था। बंटी की मथुरा में आर्म्स एंड एमूनेशन की दुकान है। हेरा—फेरी कर वह गोलियां आरोपियों को बेच दिया करता था। अभी तक पुलिस ने की जांच में सामने आया है कि गैंग का सरगना गजेंद्र उर्फ गजे के खिलाफ हत्या के मामले में जेल जा चुका है। उसके खिलाफ दादरी कोतवाली में हत्या, आर्म्स एक्ट, धमकी देने जैसी धाराओं में मुकदमे दर्ज है। सुमित पर हत्या के प्रयास, हथियार अधिनियम और गुंडा एक्ट के मामले दर्ज हैं। वह एलएलबी का छात्र है। सागर भाटी पर मारपीट, आईटी एक्ट और दुर्घटना से जुड़े केस दर्ज हैं। हर्ष सिंघल और निखिल भाटी के खिलाफ भी आयुध अधिनियम और अन्य धाराओं में मामले पहले से दर्ज हैं।

 

Aashish Gupta

आशीष गुप्ता ने जागरण इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता का डिप्लोमा किया है और राजनीतिक विज्ञान में MA करने के बाद वह राष्ट्रीय सहारा, दैनिक जागरण जैसे देश के प्रमुख समाचार संस्थानों में कार्यरत रहे। 2015 में पीआर कंपनी मेक यू बिग मीडिया प्राइवेट की स्थापना करने के बाद 2021 में फ़ेडरल भारत की शुरुआत की।

Aashish Gupta

आशीष गुप्ता ने जागरण इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता का डिप्लोमा किया है और राजनीतिक विज्ञान में MA करने के बाद वह राष्ट्रीय सहारा, दैनिक जागरण जैसे देश के प्रमुख समाचार संस्थानों में कार्यरत रहे। 2015 में पीआर कंपनी मेक यू बिग मीडिया प्राइवेट की स्थापना करने के बाद 2021 में फ़ेडरल भारत की शुरुआत की।

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