हिमालय प्राइड सोसाइटी की एनपीसीएल ने काटी बिजली, निवासियों ने लगाए बिल्डर पर गंभीर आरोप, पैसा तो ले लेते हैं पर…
उधर, निवासियों ने बताया कि समय से मेंटिनेंस चार्ज देने के बाद भी लापरवाही दिखाई जा रही है। इसका खामियाजा अब निवासी उठा रहे है। इस मामले में जिलाधिकारी से भी शिकायत की गई है।

हिमालय प्राइड सोसाइटी की बिजली का बिल न जमा करने पर सोमवार को एनपीसीएल ने सप्लाई काट दी। एनपीसीएल के प्रवक्ता मनोज कुमार झा ने बताया कि एनपीसीएल ने बिजली बिल बकाएदारों पर सख्त है। हिमालय प्राइड सोसाइटी प्रबंधन के एनपीसीएल का 37 लाख 36 हजार और 231 रुपये का बिजली बिल का बकाया है। उन्होंने बताया कि इसको लेकर कई बार बिल्डर प्रबंधन को लेटर भेजकर बिल जमा करने के लिए बोला गया है। इसके बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई।
उधर, निवासियों ने बताया कि समय से मेंटिनेंस चार्ज देने के बाद भी लापरवाही दिखाई जा रही है। इसका खामियाजा अब निवासी उठा रहे है। इस मामले में जिलाधिकारी से भी शिकायत की गई है। सोसाइटी निवासी और पूर्व सांसद प्रत्याशी नरेश नौटियाल ने जिलाधिकारी को शिकायत भेजकर बिजली काटने का गंभीर मुद्दा उठाया है। उन्होंने बताया कि सोसाइटी प्रबंधन और बिल्डर निवासियों से पहले ही बड़ी रकम वसूल लेते हैं। बिजली और पानी का एडवांस पैसा लिया जाता है। कई नोटिसों के बावजूद सात वर्षों से बिल्डर किसी तरह की जांच या ऑडिट रिपोर्ट भी जमा नहीं कर रहा है। इससे साफ होता है कि बिजली और मेंटेनेंस के नाम पर बड़े पैमाने पर गड़बड़ी चल रही है।
नरेश नौटियाल ने बताया कि बिजली कटने के बाद लोगों ने सोसाइटी के जिम्मेदार लोगों ने एनपीसीएल के अधिकारी गांगुली और तरुण से कई बार संपर्क किया। लेकिन फोन नहीं उठाया। नरेश नौटियाल ने बताया कि पहले भी बिल्डर ने चार सौ से ज़्यादा निवासियों की बिजली काट दी थी और दो दिनों में लाखों रुपये जबरन वसूले थे। यह सिलसिला अब लगभग हर महीने दोहराया जाता है। निवासियों से पैसा तो ले लेते हैं, पर उसे जमा नहीं करते, जो सीधा आर्थिक अपराध है।
उन्होंने कहा कि बिल्डर की वित्तीय लापरवाही, उपभोक्ता अधिकारों की अनदेखी और जानबूझकर बिजली रोकने जैसे कार्य किए जा रहे है। ताकि यह स्थिति दोबारा न हो और निवासियों को सुरक्षित व सम्मानजनक माहौल मिल सके।



