नोएडा जिला अस्पताल में फॉल सीलिंग गिरने से बाल-बाल बचे लोग, निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल

नोएडा : सेक्टर-39 स्थित जिला अस्पताल में बुधवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते बच गया। अस्पताल की आठवीं मंजिल पर फॉल सीलिंग अचानक गिर गई।
सौभाग्य से घटना के वक्त वहां कोई मौजूद नहीं था, वरना गंभीर चोटें या जान-माल की हानि हो सकती थी। इस घटना ने एक बार फिर निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पांच साल में दूसरी बार गिरा फॉल सीलिंग
दुर्घटना के बाद यह बात सामने आई कि जिला अस्पताल में फॉल सीलिंग गिरने की यह दूसरी घटना है।
इससे पहले साल 2023 में अस्पताल की छठवीं मंजिल पर चाइल्ड वार्ड में फॉल सीलिंग गिर चुकी है। पांच साल के भीतर दो बार ऐसी घटनाएं होना निर्माण में लापरवाही और देखरेख की कमी को दर्शाता है।
500 करोड़ की लागत, फिर भी लापरवाही
इस अस्पताल का निर्माण यूपी निर्माण निगम द्वारा 500 करोड़ रुपये की लागत से कराया गया था। वर्ष 2020 में इसे स्वास्थ्य विभाग को सौंपा गया था।
शुरू से ही निर्माण में देरी और अब गुणवत्ताहीन काम की शिकायतें सामने आती रही हैं।
दीवारों की टाइल्स उखड़ना, फॉल सीलिंग का गिरना और क्षतिग्रस्त सामान का समय पर मरम्मत न होना आम हो गया है।
प्रशासनिक उदासीनता पर उठे सवाल
अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह पर बार-बार निर्माण में खामी सामने आना चिंता का विषय है। हादसे के बाद डॉक्टर मौके पर पहुंचे, लेकिन कोई स्थायी समाधान या जांच की बात अब तक सामने नहीं आई है।
यदि समय रहते जरूरी मरम्मत और गुणवत्ता की जांच नहीं की गई तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।




