नोएडा की स्थापना के 49 वर्ष बाद भी शुद्ध पेयजल आपूर्ति अधूरी – CONRWA ने जताई गहरी चिंता

नोएडा :कन्फेडरेशन ऑफ रेज़िडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (CONRWA) ने नोएडा में शुद्ध पेयजल आपूर्ति को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। संस्था ने इस विषय पर मुख्य कार्यपालक अधिकारी, नोएडा प्राधिकरण को पत्र लिखकर कहा है कि नोएडा की स्थापना को 49 वर्ष बीत जाने के बाद भी आज तक शत-प्रतिशत शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की जा सकी है।
CONRWA के अध्यक्ष पी.एस. जैन ने कहा कि माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा 25 वर्ष पूर्व ही यह निर्देश दिये गये थे कि नोएडा प्राधिकरण दो वर्ष के भीतर उपयुक्त क्षमता के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाकर नागरिकों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराए, किन्तु आज तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
उन्होंने कहा कि प्राधिकरण के पास पर्याप्त संसाधन होते हुए भी पेयजल व्यवस्था पर ध्यान न देना चिंताजनक है।
संस्था का कहना है कि आज लाखों लीटर गंगाजल और भूमिगत जल की बर्बादी केवल इसलिए हो रही है क्योंकि जल को उचित स्तर पर शुद्ध कर नागरिकों तक नहीं पहुँचाया जा रहा।
गंगाजल को ट्यूबवेल/रेनीवेल के पानी में मिलाने से उसकी गुणवत्ता भी प्रभावित होती है। इसका समाधान केवल यही है कि सभी रिजर्व वायर पर छोटे वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जाएं ताकि प्रत्येक नागरिक को शुद्ध पेयजल मिल सके।
संस्था ने यह भी स्पष्ट किया कि जिस प्रकार नालों के पानी को शुद्ध करने के लिए छोटे-छोटे सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जा रहे हैं, उसी प्रकार पेयजल की गुणवत्ता सुधारने हेतु वाटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करना पूरी तरह संभव और आवश्यक है।
CONRWA ने मांग की है कि प्राधिकरण तत्काल ठोस नीति बनाकर शुद्ध पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित करे। संस्था ने यह भी कहा है कि यदि आवश्यकता हुई तो इस कार्य में सहयोग के लिए वह सदैव तत्पर है।




