×
उत्तर प्रदेशगौतम बुद्ध नगरग्रेटर नोएडानोएडानोएडा वेस्टब्रेकिंग न्यूज़राजनीतिराज्यलखनऊ

कांशीराम जयंती आयोजन पर उठे सवाल, दलित-मुस्लिम और यादव समाज के कई नेता कार्यक्रम से दूर

नोएडा: बहुजन समाज के महान प्रेरणास्रोत कांशीराम की 92वीं जयंती के अवसर पर समाजवादी पार्टी द्वारा नोएडा स्थित पार्टी कार्यालय में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। हालांकि जिस महापुरुष की जयंती मनाने का दावा किया गया, उसी समाज के कई वरिष्ठ नेता कार्यक्रम से नदारद दिखाई दिए, जिससे कार्यक्रम की गंभीरता और पार्टी संगठन की आंतरिक स्थिति पर कई प्रश्न खड़े हो गए।

 

जानकारी के अनुसार दलित एवं वाल्मीकि समाज से जुड़े कई प्रमुख नेताओं की अनुपस्थिति विशेष रूप से चर्चा का विषय बनी रही। समाजवादी पार्टी नोएडा के वरिष्ठ नेता मुकेश वाल्मीकि, बसपा छोड़कर समाजवादी पार्टी में शामिल हुए पूर्व जिला अध्यक्ष सुरेंद्र गौतम सहित कई महत्वपूर्ण नेता कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हुए। इन नेताओं की अनुपस्थिति को पार्टी के भीतर बढ़ती असंतुष्टि और नाराजगी का संकेत माना जा रहा है।

 

सूत्रों के अनुसार पार्टी के नोएडा महानगर अध्यक्ष डॉ. आश्रय गुप्ता की कार्यशैली को लेकर संगठन के भीतर असंतोष का माहौल बना हुआ है। कई वरिष्ठ नेताओं का आरोप है कि संगठनात्मक निर्णयों में उन्हें लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है, जिसके कारण पार्टी के पुराने और समर्पित कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ता जा रहा है।

कार्यक्रम में मुस्लिम समाज के वरिष्ठ नेताओं की अनुपस्थिति भी चर्चा का विषय बनी रही। पार्टी के वरिष्ठ मुस्लिम नेता कुमार बिलाल बरनी, कुंवर नादिर, महानगर उपाध्यक्ष नौशाद, तस्लीम सैफी सहित अन्य नेताओं के कार्यक्रम में शामिल न होने को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं। यदि इस प्रकार की नाराजगी को समय रहते दूर नहीं किया गया तो इसका प्रभाव आगामी विधानसभा चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन पर पड़ सकता है।

इसके अलावा यादव समाज से जुड़े कई वरिष्ठ नेता जैसे पूर्व महानगर अध्यक्ष वीर सिंह यादव, राकेश यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष महेंद्र यादव, सुबे यादव, रेशपाल अवाना, भरत यादव और दिनेश यादव का कार्यक्रम में उपस्थित न होना भी यह संकेत देता है कि पार्टी के भीतर सब कुछ सामान्य नहीं चल रहा है।

महेंद्र यादव का आरोप है कि महानगर अध्यक्ष ने कार्यक्रम की सूचना नहीं दी, इसी वजह से कार्यक्रम में नहीं गए. इसके अलावा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य तस्लीम खान भी कार्यक्रम में नहीं बुलाए जाने से नाराज है..

बहुजन नायक मान्यवर काशीराम जी की जयंती जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर इस प्रकार की स्थिति सामने आना यह दर्शाता है कि पार्टी संगठन के भीतर गुटबाजी और असंतोष की स्थिति को गंभीरता से देखने की आवश्यकता है।

Vishnu Pratap

मेरा नाम विष्णु प्रताप है। मेरा जन्म 18 मई 2004 को उत्तर प्रदेश के एटा जिले में हुआ। पत्रकारिता मेरे लिए सिर्फ एक करियर नहीं, बल्कि एक जुनून है। वर्तमान में मैं Federal Bharat News में रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हूं। मुझे अंतरराष्ट्रीय संबंध, इतिहास, राजनीति, युद्ध से जुड़ी खबरें, बिज़नेस और NGO से संबंधित विषयों में गहरी रुचि है। खाली समय में मुझे पढ़ना और अपने दोस्तों के साथ समय बिताना अच्छा लगता है।

Vishnu Pratap

मेरा नाम विष्णु प्रताप है। मेरा जन्म 18 मई 2004 को उत्तर प्रदेश के एटा जिले में हुआ। पत्रकारिता मेरे लिए सिर्फ एक करियर नहीं, बल्कि एक जुनून है। वर्तमान में मैं Federal Bharat News में रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हूं। मुझे अंतरराष्ट्रीय संबंध, इतिहास, राजनीति, युद्ध से जुड़ी खबरें, बिज़नेस और NGO से संबंधित विषयों में गहरी रुचि है। खाली समय में मुझे पढ़ना और अपने दोस्तों के साथ समय बिताना अच्छा लगता है।

Related Articles

Back to top button
Close